Sunday, March 22, 2026

भारतीय शेयर बाजार के लिए मंगलवार की सुबह काफी उतार-चढ़ाव भरी रही.

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 भारतीय शेयर बाजार के लिए मंगलवार की सुबह काफी उतार-चढ़ाव भरी रही. सोमवार की तेजी को पीछे छोड़ते हुए आज शुरुआती कारोबार में बाजार लाल निशान पर खुला. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े वैश्विक तकनीकी संकट और अमेरिकी बाजारों में आई भारी गिरावट का सीधा असर दलाल स्ट्रीट पर देखने को मिला.

बाजार का ताजा हाल
सुबह 9:26 बजे के करीब, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स 577 अंक (0.69%) गिरकर 82,717 के स्तर पर पहुंच गया. वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 161 अंक (0.63%) फिसलकर 25,552 के स्तर पर कारोबार करता दिखा. मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी करीब 0.5% से 0.7% की गिरावट दर्ज की गई.

IT सेक्टर सबसे ज्यादा प्रभावित
आज की गिरावट का सबसे बड़ा कारण Nifty IT इंडेक्स रहा, जो करीब 2.84% तक टूट गया. दरअसल, अमेरिका में यह डर गहरा गया है कि नए AI टूल्स पारंपरिक सॉफ्टवेयर और आईटी बिजनेस मॉडल को प्रभावित कर सकते हैं. इसके चलते नैस्डैक (Nasdaq) में रातों-रात हुई बिकवाली ने भारतीय आईटी कंपनियों के शेयरों पर दबाव बढ़ा दिया है. रियल्टी और मीडिया सेक्टर में भी बिकवाली का दबाव देखा जा रहा है.

ट्रंप की टैरिफ नीति और अनिश्चितता
बाजार की इस गिरावट में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नई 15% वैश्विक टैरिफ नीति का भी बड़ा हाथ है. हालांकि, अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के बाद सीमा शुल्क विभाग ने कुछ टैरिफ की वसूली फिलहाल रोक दी है, लेकिन निर्यात आधारित क्षेत्रों (Export-oriented sectors) के लिए अभी भी अनिश्चितता बनी हुई है. विश्लेषकों का मानना है कि जब तक ट्रेड वॉर जैसी स्थिति स्पष्ट नहीं होती, निवेशक सतर्क रुख अपनाएंगे.

विदेशी और घरेलू निवेशकों का रुख
आंकड़ों के मुताबिक, 23 फरवरी को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने 3,483 करोड़ रुपये की खरीदारी की थी, जबकि घरेलू निवेशकों (DIIs) ने 1,292 करोड़ रुपये की बिकवाली की. आज की बिकवाली मुख्य रूप से वैश्विक संकेतों के कारण है.

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, निफ्टी के लिए 25,500-25,600 का स्तर एक महत्वपूर्ण सपोर्ट (सहारा) है. यदि बाजार इससे नीचे गिरता है, तो गिरावट बढ़ सकती है. दूसरी ओर, 25,800 के स्तर पर कड़ा रेजिस्टेंस (रुकावट) देखा जा रहा है. फिलहाल मेटल और ऑयल एंड गैस सेक्टर ही बाजार को थोड़ी राहत दे रहे हैं.

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