अमेरिकी बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को बढ़त के साथ बंद हुए. हालांकि, ऊपरी स्तरों पर मुनाफावसूली और फार्मा शेयरों में कमजोरी के कारण बाजार की तेजी सीमित रही.
- तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स मजबूत शुरुआत करते हुए 83,670 अंक पर खुला. कारोबार के दौरान यह 700 अंकों से अधिक चढ़कर 84,000 के स्तर को पार कर गया. हालांकि, अंत में मुनाफावसूली के दबाव में सेंसेक्स 187.64 अंक यानी 0.23 प्रतिशत की बढ़त के साथ 83,570.35 अंक पर बंद हुआ.
वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी-50 भी 25,696 अंक पर मजबूती के साथ खुला और दिन के दौरान 25,873 के उच्च स्तर तक पहुंचा. कारोबार के अंत में निफ्टी 28.75 अंक या 0.11 प्रतिशत की मामूली तेजी के साथ 25,694 अंक पर बंद हुआ.
टॉप गेनर्स और लूजर्स
सेंसेक्स की कंपनियों में इन्फोसिस सबसे ज्यादा फायदे में रहा और करीब 5.7 प्रतिशत की तेजी के साथ बंद हुआ. इसके अलावा टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक, टीसीएस, एसबीआई, एचडीएफसी बैंक, अल्ट्राटेक सीमेंट और बजाज फाइनेंस में भी खरीदारी देखने को मिली.
दूसरी ओर, एशियन पेंट्स, सन फार्मा, मारुति सुजुकी, आईटीसी, टाइटन, ट्रेंट लिमिटेड और बीईएल जैसे शेयरों में गिरावट दर्ज की गई.
ब्रोडर मार्केट और सेक्टोरल प्रदर्शन
ब्रोडर मार्केट में मिला-जुला रुख देखने को मिला. निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 0.16 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 0.28 प्रतिशत फिसल गया. सेक्टोरल स्तर पर निफ्टी आईटी इंडेक्स 3.34 प्रतिशत की तेजी के साथ सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाला सेक्टर रहा. वहीं, निफ्टी फार्मा इंडेक्स 1.28 प्रतिशत की गिरावट के साथ सबसे कमजोर रहा.
वैश्विक बाजारों का हाल
अमेरिकी शेयर बाजारों में मजबूती देखने को मिली. टेक्नोलॉजी और बैंकिंग शेयरों में खरीदारी से प्रमुख सूचकांक बढ़त में बंद हुए. डॉव जोन्स 0.6 प्रतिशत चढ़ा, जबकि एसएंडपी 500 और नैस्डैक में क्रमशः 0.26 प्रतिशत और 0.25 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई. बेहतर श्रम बाजार के आंकड़ों ने भी निवेशकों का भरोसा बढ़ाया. 10 जनवरी को समाप्त सप्ताह के दौरान बेरोजगारी दावे उम्मीद से कम रहे.एशियाई बाजारों में शुरुआती कारोबार के दौरान मिला-जुला रुख रहा. चीन और हांगकांग के बाजारों में मजबूती दिखी, जबकि जापान और दक्षिण कोरिया के बाजार हल्की गिरावट में रहे. क्षेत्रीय बाजारों की नजर सेमीकंडक्टर सेक्टर पर बनी हुई है, जहां अमेरिका और ताइवान के बीच हुए बड़े व्यापार समझौते से निवेश को लेकर उम्मीदें बढ़ी हैं.


