नई दिल्ली: इंडियन रेलवे अपनी प्रीमियम सेवा वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन का नया संस्करण शुरू करने की तैयारी कर रहा है. वंदे भारत ट्रेन सेवा की शुरुआत 2019 में हुई थी. इसके बाद से, देश भर में वंदे भारत ट्रेनों का बड़ा नेटवर्क बनाया गया है, जिनसे रेल यात्रा को पूरी तरह बदल दिया है. वर्तमान में, वंदे भारत एक्सप्रेस की तीसरी पीढ़ी यानी वंदे भारत 3.0 ट्रेनें सेवा में हैं.
- 16वीं अंतरराष्ट्रीय रेलवे उपकरण प्रदर्शनी (आईआरईई) 2025 में भाग लेने पहुंचे रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने वंदे भारत एक्सप्रेस को बड़ी सफलता बताया. उन्होंने कहा कि तकनीकी मानकों के मामले में यह ट्रेन दुनिया की कुछ सर्वश्रेष्ठ ट्रेनों में से एक है. उन्होंने कहा, “भारत अगली पीढ़ी की हाई-स्पीड ट्रेनों पर काम कर रहा है, जिसका मुख्य ध्यान निर्यात बाजार पर है. भारत वर्तमान में वंदे भारत 3.0 का संचालन कर रहा है, जो इसके पिछले संस्करणों की तुलना में एक महत्वपूर्ण सुधार है.”
रेल मंत्री वैष्णव ने कहा कि वंदे भारत 3.0 ट्रेनें पहले से ही अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरी उतरती हैं. उन्होंने कहा कि ये ट्रेनें केवल 52 सेकंड में 0 से 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ सकती हैं. उन्होंने कहा, “वंदे भारत 3.0 पहले से ही अंतरराष्ट्रीय मानकों को पूरा करती है, यह ट्रेन केवल 52 सेकंड में 0 से 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ सकती है- जो जापान और यूरोप की कई ट्रेनों से भी तेज है. साथ ही कम शोर और कंपन भी बनाए रखती है.”
18 महीनों के भीतर लॉन्च होने की उम्मीद
इस अवसर पर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि वंदे भारत 4.0 ट्रेनें अगले 18 महीनों के भीतर लॉन्च होने की उम्मीद है. उन्होंने कहा कि यह अपग्रेडेड वर्जन प्रदर्शन और यात्री अनुभव, दोनों में नए वैश्विक मानक स्थापित करेगा. उन्होंने कहा, “वंदे भारत 4.0 अगले 18 महीनों में लॉन्च होने की उम्मीद है, जिसका उद्देश्य प्रदर्शन और यात्री अनुभव के हर पहलू में वैश्विक मानक स्थापित करना है. हमारा लक्ष्य वंदे भारत 4.0 को वैश्विक मानक के रूप में स्थापित करना है, एक ऐसी ट्रेन जो गुणवत्ता और आराम के मामले में इतनी उन्नत हो कि दुनिया भर के देश इसे अपनाने की इच्छा रखें.”


