एशिया कप 2025 का सबसे बड़ा मुकाबला में 14 सितंबर को भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाला है. इस मैच को लेकर भारत में काफी ज्यादा आक्रोश है. सोशल मीडिया पर बॉयकॉट बीसीसीआई से लेकर IND vs PAK मैच के बॉयकॉट का भी ट्रेंड चल रहा है. बता दें कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत की तरफ से पाकिस्तान के खिलाफ चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर के बाद दोनों देश पहली बार क्रिकेट के मैदान में आमने सामने होंगे.
भारत में इस मैच का कड़ा विरोध किया जा रहा है. कई राजनेताओं ने पाकिस्तान से ने खेलने का अनुरोध भी कर चुके हैं. टूर्नामेंट का शेड्यूल आने से पहले ये कहा जा रहा था कि भारत टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं लेगा या अगर लेगा भी तो पाकिस्तान के खिलाफ नहीं खेलेगा, लेकिन जब सब कुछ साफ हो गया और भारत अब 14 सितंबर को पाकिस्तान से भिड़ने वाला है तो फिर भारतीय क्रिकेट बोर्ड बीसीसीआई और सरकार की कड़ी आलोचना देशभर में तेज हो गई है.
भारत ने एशिया कप से नाम वापस क्यों लिया?
भारतीय फैंस को उम्मीद थी कि भारतीय टीम इस बार भी टूर्नामेंट से अपना नाम वापस ले लेगी, जैसा कि उन्होंने 1986 एशिया कप से नाम वापस लिया था. बता दें कि श्रीलंका की राजनीतिक और सामाजिक स्थिति खराब होने के कारण भारत ने 1986 में श्रीलंका में होने वाले दूसरे संस्करण से अपना नाम वापस ले लिया था. 1985 में श्रीलंका में 146 लोग मारे गए थे, जिसने वहां भय का माहौल पैदा कर दिया था. बीसीसीआई ने इन परिस्थितियों में खिलाड़ियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए श्रीलंका में अपनी टीम न भेजने का फैसला किया. इसी वजह से, भारत ने 1986 के एशिया कप में हिस्सा नहीं लिया.
बांग्लादेश को मिला सुनहरा मौका
उस समय भारत, पाकिस्तान और श्रीलंका जैसी टीमें ही आपस में एशिया कप खेलती थीं. भारत के टूर्नामेंट से हटने के कारण आयोजकों ने बांग्लादेश की टीम को आमंत्रित किया. जो उनके लिए एक ऐतिहासिक क्षण था. क्योंकि यह उनका पहला अंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय मैच था. टूर्मामें में बांग्लादेश अपना दोनों मैच पाकिस्तान और श्रीलंका से हार गया, लेकिन यह टूर्नामेंट उनकी शुरुआत थी. एक ऐसे देश जो तब तक अनजान था, अचानक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के नक्शे पर आ गया.
बांग्लादेश का क्रिकेट सफर
इस सुनहरे अवसर के बाद बांग्लादेश क्रिकेट धीरे-धीरे विकसित हुआ. 1997 में बांग्लादेश क्रिकेट टीम एकदिवसीय टीम का पूर्णकालिक सदस्य बन गई. 2000 में इसे टेस्ट टीम का दर्जा भी मिल गया. हालांकि इसने अब तक एशिया कप में ट्रॉफी नहीं जीती है, लेकिन वो 2012, 2016 और 2018 में उपविजेता जरूर रहे हैं. इसलिए ये कहा जा सकता है कि अगर भारत 1986 एशिया कप से अपना नाम वापस नहीं लेती तो आज बांग्लादेश क्रिकेट इतना आगे नहीं होता जितना आज है.
एशिया कप 1986 किसने जीता?
1984 में शुरू हुए एशिया कप का पहला संस्करण भारत ने जीता था. लेकिन दूसरे संस्करण का फाइनल मैच पाकिस्तान और श्रीलंका के बीच खेला गया. जिसमें श्रीलंका ने 5 विकेट से जीत दर्ज करके अपना पहला खिताब जीता. घरेलू धरती पर खिताब जीतना उनकी टीम के लिए सम्मान की बात थी. लेकिन, इस पूरे सीजन में असली सुर्खियां बांग्लादेश ने बटोरी. क्योंकि वे पहली बार कोई अंतरराष्ट्रीय मैच खेल रहे थे.
एशिया कप 2025
आधिकारिक रूप से एशिया कप 2025 का मेजबान भारत है. लेकिन पाकिस्तान के भारत न आने की वजह इस टूर्नामेंट को यूएई में शिफ्ट कर दिया गया. इस बार टूर्नामेंट में भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका और बांग्लादेश समेत कुल 8 टीमें भाग ले रही हैं. एशिया कप के इतिहास में अब तक भारत 8, श्रीलंका 6 और पाकिस्तान 2 बार खिताब जीत चुका है.


