Thursday, March 26, 2026

भारतीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बहुमूल्य धातुओं सोने और चांदी की कीमतों में जबरदस्त तेजी देखी गई.

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 पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) में जारी तनाव और कूटनीतिक अनिश्चितता के बीच बुधवार को भारतीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बहुमूल्य धातुओं—सोने और चांदी—की कीमतों में जबरदस्त तेजी देखी गई. घरेलू बाजार (MCX) पर चांदी की कीमतों में 6 प्रतिशत तक का उछाल आया, जबकि सोना भी 4 प्रतिशत से अधिक मजबूत हुआ.

बाजार का हाल: रिकॉर्ड स्तर की ओर कदम
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर बुधवार सुबह सोने के अप्रैल वायदा में भारी लिवाली देखी गई. सुबह 10:26 बजे तक सोना ₹5,658 की बढ़त के साथ ₹1,44,570 प्रति 10 ग्राम के इंट्राडे हाई पर पहुंच गया. सत्र के दौरान इसमें मामूली उतार-चढ़ाव देखा गया और यह ₹1,44,410 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया.

चांदी की चमक सोने से भी अधिक तेज रही. मई वायदा की चांदी में ₹13,228 की भारी वृद्धि दर्ज की गई, जिससे इसकी कीमत ₹2,14,500 प्रति किलोग्राम के ऊंचे स्तर पर पहुंच गई. अंतरराष्ट्रीय बाजार (COMEX) में भी यही रुझान रहा, जहां सोना 4.48% बढ़कर $4,633.17 और चांदी 7.5% की छलांग लगाकर $74.8 पर पहुंच गई.

कीमतों में उछाल के मुख्य कारण
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, कीमतों में इस अचानक तेजी के पीछे पश्चिम एशिया से जुड़ी विरोधाभासी खबरें हैं:

15-सूत्रीय युद्धविराम योजना
खबरों के अनुसार, अमेरिकी प्रशासन ने पाकिस्तान के माध्यम से ईरान को 15-सूत्रीय युद्धविराम का प्रस्ताव दिया है. हालांकि, ईरान के संसदीय अध्यक्ष मोहम्मद-बगेर गालिबाफ ने इन खबरों को खारिज कर दिया है, जिससे बाजार में असमंजस और डर का माहौल बना.

अमेरिकी सैन्य तैनाती
एक तरफ शांति वार्ता की खबरें हैं, तो दूसरी तरफ अमेरिका द्वारा क्षेत्र में 1,000 अतिरिक्त सैनिक भेजने की तैयारी ने युद्ध के खतरे को बरकरार रखा है. वर्तमान में वहां पहले से ही 50,000 अमेरिकी सैनिक तैनात हैं.

डोनाल्ड ट्रंप का बयान
अमेरिकी राष्ट्रपति ने हाल के दिनों में तेहरान के साथ “सकारात्मक बातचीत” का दावा किया है और ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर सैन्य कार्रवाई को पांच दिनों के लिए टालने की बात कही है.

विश्लेषकों की राय
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि सोने में ₹1,43,000 से ₹1,45,000 के बीच मजबूत आधार बना हुआ है. यदि तेजी जारी रहती है, तो सोना जल्द ही ₹1,48,000 के प्रतिरोध (Resistance) स्तर को पार कर ₹1,55,000 से ₹1,57,000 तक जा सकता है. चांदी के लिए ₹2,40,000 का स्तर एक बड़ी बाधा है.

विशेषज्ञों ने निवेशकों को ‘बाय-ऑन-डिप्स’ (गिरावट पर खरीदारी) की रणनीति अपनाने की सलाह दी है. जब तक भू-राजनीतिक तनाव बना रहेगा, तब तक सुरक्षित निवेश के रूप में सोने और चांदी की मांग बनी रहेगी.

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