Monday, March 23, 2026

भाजपा नेता प्रेम कुमार 18वीं विधानसभा के अध्यक्ष बनेंगे। उनका निर्विरोध निर्वाचन तय.

Share

भाजपा नेता प्रेम कुमार 18वीं विधानसभा के अध्यक्ष बनेंगे। उनका निर्विरोध निर्वाचन तय है, क्योंकि किसी और ने नामांकन नहीं किया। उपमुख्यमंत्रियों और अन्य नेताओं ने उनके नामांकन का समर्थन किया। प्रेम कुमार 1990 से गया से विधायक हैं और उन्होंने विभिन्न विभागों में मंत्री के रूप में कार्य किया है। उनकी शिक्षा गया में हुई और उन्होंने पीएचडी की डिग्री हासिल की है।

पटना। भाजपा के वरिष्ठ नेता और नौ बार के विधायक प्रेम कुमार 18वीं विधानसभा के अध्यक्ष (Bihar Assembly New Speaker) होंगे। सोमवार को उन्होंने अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। इसके अलावा, किसी और का नामांकन नहीं हुआ। ऐसे में मंगलवार को उनके निर्विरोध निर्वाचन तय है।

सोमवार को प्रेम कुमार के नामांकन के उप मुख्यमंत्री द्वय सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा के साथ जदयू के संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी, लोजपाआर के नेता संजय कुमार और रालोमो के माधव आनंद प्रस्तावक बने।

प्रेम कुमार के अकेले नामांकन के बाद विधानसभा अध्यक्ष पद को लेकर किसी भी तरह की राजनीतिक खींचतान करीब-करीब समाप्त हो गई है। भाजपा ने प्रेम कुमार को आगे कर विधानसभा अध्यक्ष की कुर्सी पर अपना अधिकार बनाए रखा है। इसके पहले भाजपा कोटे से नंद किशोर यादव विधानसभा अध्यक्ष थे।

35 साल के राजनीतिक जीवन में मिली शीर्ष कुर्सी

प्रेम कुमार ने वर्ष 1990 से लगातार गया से विधायक हैं। पहली बार बिहार विधानसभा का चुनाव गया से जीते थे। 2025 में डॉ. प्रेम कुमार की नौवीं जीत है और इस जीत ने सदन की शीर्ष कुर्सी तक पहुंचा दिया। प्रेम कुमार की शिक्षा गया में हुई।

मगध विश्वविद्यालय से एमए और एलएलबी करने के उपरांत इन्होंने इतिहास में पीएचडी की डिग्री हासिल की।

राजनीतिक क्षेत्र में चुनाव जीतने के बाद इन्होंने 35 साल के अंदर राज्य सरकार के कृषि विभाग, नगर विकास एवं आवास विभाग, लोक निर्माण विभाग, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग, वन एवं पर्यावरण विभाग, सहकारिता विभाग के मंत्री पद को भी सुशोभित किया।

Read more

Local News