Saturday, February 14, 2026

भाजपा के शिष्टमंडल ने राज्य निर्वाचन आयोग पहुंचकर शिकायत की है.

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रांचीः शहरी निकाय चुनाव के लिए जारी वोटर लिस्ट में एक बार फिर गड़बड़ी की शिकायत आ रही हैं. हालत यह है कि लोगों को उनके घरों से काफी दूर के मतदान केंद्र पर वोट देने के लिए अधिकृत किया गया है, जो कहीं ना कहीं चुनाव आयोग के उस दिशानिर्देश का उल्लंघन होता दिख रहा है जिसमें मतदाताओं के निवास स्थान के दो किलोमीटर के अंदर मतदान केंद्र होना अनिवार्य किया गया है.

  • शनिवार को मतदाताओं के इन्हीं शिकायतों को लेकर भाजपा का एक प्रतिनिधिमंडल राज्य निर्वाचन आयोग के कार्यालय पहुंचा. भाजपा नेता सुधीर श्रीवास्तव के नेतृत्व में आयोग कार्यालय पहुंचे शिष्टमंडल ने आयोग के सचिव राधेश्याम प्रसाद को इस संबंध में ज्ञापन सौंप कर शिकायत दर्ज करायी है.

भाजपा नेता सुधीर श्रीवास्तव ने इस संबंध में रांची नगर निगम क्षेत्र के वार्ड संख्या 43 का हवाला देते हुए कहा कि इस वार्ड के भाग संख्या 43/4 में जारी मतदाता सूची के अनुसार सेक्टर 2, जगरनाथपुर और धुर्वा में जो मतदाता रहते हैं उनको अपना वोट डालने हेतु अशोक नगर के सामुदायिक भवन में आना होगा. जबकि केंद्रीय चुनाव आयोग का स्पष्ट निर्देश है की किसी भी कीमत पर मतदाता का घर और मतदान केंद्र की दूरी दो किलोमीटर से अधिक नहीं हो सकती है. इस निर्देश के बावजूद भी जिला प्रशासन ने ऐसा कारनामा किया है.

उन्होंने कहा कि सेक्टर 2, जगरनाथपुर और धुर्वा से अशोक नगर सामुदायिक केंद्र की दूरी दो किलोमीटर से अधिक है. सुधीर श्रीवास्तव ने बताया कि वार्ड संख्या 43 के भाग संख्या 43/4 में कुल 1205 मतदाता निवास करते हैं और उन सभी मतदाताओं को पता ही नहीं है कि वे किस बूथ पर अपना वोट देंगे. इसी तरह राजधानी के अन्य वार्डों में मतदाताओं को मतदान केंद्र दूर होने की वजह से परेशानी उठानी पड़ेगी.

आखिर वोटर कैसे जानेंगे अपना मतदान केंद्र-भाजपा

शहरी निकाय चुनाव के लिए राज्य निर्वाचन आयोग या जिला स्तर पर कोई ऐसा वेबसाइट या लिंक नहीं जारी हुआ है जिससे इस निकाय चुनाव के मतदाता अपना मतदान केंद्र खोज सकें. सुधीर श्रीवास्तव के अनुसार विधानसभा चुनाव और लोकसभा चुनाव में मतदाता अपनी मतदाता सूची का एपिक नंबर वोटर हेल्प लाइन में जाकर देखेंगे तो तुरंत पता चल जाएगा कि उनको कहां किस मतदान केंद्र पर वोट देना है.

भाजपा नेता सुधीर श्रीवास्तव ने आरोप लगाते हुए कहा कि निकाय चुनाव में दो साल जो देरी हुई उस समय में सरकार, जिला प्रशासन और सरकार के समर्थित उम्मीदवार सभी मिलकर सभी वार्ड के मतदान केंद्रों में हेरफेर कर ऐसा व्यवस्था की है कि उनके समर्थक उम्मीदवार जीत पाएं. प्रतिनिधिमंडल ने इस मामले में वार्ड 43 की मतदाता सूची की एक प्रति भी आयोग को सौंपा है. इसके अलावा प्रतिनिधिमंडल जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह डीसी को भी ज्ञापन सौंपा है. प्रतिनिधिमंडल में तारिक इमरान और प्रिंस कुमार भी शामिल थे.

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