वैश्विक व्यापार अनिश्चितता और डॉलर में गिरावट के बीच आज बुधवार, 25 फरवरी 2026 को सोने और चांदी की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखा गया. नई दिल्ली के सर्राफा बाजार से लेकर अंतरराष्ट्रीय वायदा बाजार (MCX) तक, कीमती धातुओं की चमक बढ़ गई है.
बाजार का ताज़ा हाल
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने का अप्रैल वायदा 0.76 प्रतिशत की तेजी के साथ 1,61,180 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया. वहीं, चांदी में और भी जोरदार तेजी रही. चांदी का मार्च वायदा 3.20 प्रतिशत उछलकर 2,69,075 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार करता देखा गया. अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी निवेशकों ने सुरक्षित निवेश (Safe-haven) के रूप में सोने की ओर रुख किया है.
तेजी के मुख्य कारण
डॉलर की कमजोरी: अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में 0.17 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 97.68 के स्तर पर आ गया. डॉलर कमजोर होने से विदेशी मुद्राओं वाले खरीदारों के लिए सोना-चांदी खरीदना सस्ता हो जाता है, जिससे मांग बढ़ती है.
अमेरिकी टैरिफ पर अनिश्चितता: अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा लगाए गए भारी टैरिफ को रद्द किए जाने के बाद व्यापारिक माहौल अनिश्चित हो गया है. हालांकि वर्तमान में 10 प्रतिशत टैरिफ लागू है, लेकिन व्हाइट हाउस ने इसे जल्द ही 15 प्रतिशत करने के संकेत दिए हैं.
भू-राजनीतिक तनाव: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने निवेशकों को डरा दिया है. राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा ईरान की आलोचना और 27 फरवरी को जिनेवा में होने वाली परमाणु वार्ता से पहले बाजार में घबराहट का माहौल है.
चीन की खरीदारी: पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना (PBOC) पिछले 15 महीनों से लगातार सोना खरीद रहा है, जिससे कीमतों को निचले स्तर पर मजबूत सपोर्ट मिल रहा है.
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि सोने का दीर्घकालिक रुझान अभी भी सकारात्मक है. चांदी में औद्योगिक मांग और आपूर्ति की कमी के कारण बड़ी तेजी की संभावना बनी हुई है.
विशेषज्ञों के अनुसार, सोने को 1,58,800 रुपये पर सपोर्ट और 1,63,000 रुपये पर रेजिस्टेंस (रुकावट) का सामना करना पड़ सकता है. चांदी के लिए 2,54,400 रुपये का स्तर महत्वपूर्ण सपोर्ट है, जबकि ऊपर की ओर यह 2,71,000 रुपये तक जा सकती है. निवेशकों की नजर अब 27 फरवरी की परमाणु वार्ता और अमेरिकी व्यापार नीति के अगले कदमों पर टिकी है.


