Tuesday, March 10, 2026

बुधवार तक राज्य के कई हिस्सों में बादल छाए रहने के साथ आंधी-पानी और वज्रपात की चेतावनी है।

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बिहार में पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती परिसंचरण के कारण मौसम में बदलाव आया है। बुधवार तक राज्य के कई हिस्सों में बादल छाए रहने के साथ आंधी-पानी और वज्रपात की चेतावनी है। सीतामढ़ी, शिवहर सहित पूर्वी जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है।

पटना। उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ, गांगेय पश्चिम बंगाल के ऊपर बने चक्रवाती परिसंचरण और पूर्वी भारत में निम्न दबाव का क्षेत्र बने होने से बिहार के मौसम में बदलाव आया है।

मौसम विभाग के Bihar Weather Forecast के अनुसार, इस मौसम प्रणाली के कारण बुधवार तक प्रदेश के मौसम का मिजाज बदला रहेगा। राज्य के ज्यादातर भागों में बादल छाए रहने के साथ गरज-चमक के साथ आंधी-पानी की चेतावनी है।

अगले 24 घंटों के दौरान पूर्वी भागों के सीतामढ़ी, शिवहर, मधुबनी, दरभंगा, शेखपुरा, समस्तीपुर, बेगूसराय, लखीसराय, किशनगंज एवं अररिया जिले में 30-40 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से हवा चलने के साथ मेघ गर्जन, वज्रपात को लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया है।

कुछ स्थानों पर छिटपुट वर्षा के आसार हैं। पांच दिनों के दौरान अधिकतम और न्यूनतम तापमान में विशेष बदलाव के आसार नहीं हैं। सोमवार को पटना सहित आसपास इलाकों में आंशिक बादल छाए रहने के साथ मौसम शुष्क बना रहा।

मौसम में बदलाव आने के साथ पटना सहित 16 जिलों के अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई। राजधानी के अधिकतम तापमान में 24 घंटों के दौरान 1.4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट के साथ 31.5 डिग्री सेल्सियस एवं 34.3 डिग्री सेल्सियस के साथ कैमूर में सर्वाधिक तापमान दर्ज किया गया।

राजधानी का न्यूनतम तापमान इस सीजन में 23.7 डिग्री सेल्सियस सर्वाधिक दर्ज किया गया। जबकि, 19.0 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान भागलपुर के सबौर में दर्ज किया गया।

फसलों के लिए मौसम रहेगा अनुकूल

राज्य के मौसम में बदलाव आने के साथ फसलों और फलों की खेती के लिए अनुकूल है। बिहार कृषि विश्वविद्यालय सबौर की कृषि विज्ञानी रूबी ने बताया कि आम और लीची में मंजर पर्याप्त रूप से लगे हैं। ऐसे में मौसम में नमी इन फसलों के लिए लाभदायक है। इससे मधुआ कीट का प्रकोप कम होगा।

हालांकि अगर ओलावृष्टि और तेज आंधी का प्रभाव बना रहा तो मंजर झड़ने का खतरा बना रहेगा। ऐसे में किसानों को सावधानी बरतने की जरूरत है। गेहूं दाने भरने की अवस्था में है। ऐसे में हल्की वर्षा फसल के लिए लाभदायक होगी।

हालांकि आंधी-पानी का प्रभाव रहा तो इससे फसल गिरने का नुकसान होगा। वहीं तापमान में अधिक वृद्धि होती है तो इसका प्रभाव आम जन जीवन के साथ फसलों पर भी पड़ सकता है।

आम, लीची समेत अन्य फसलों के लिए मौसम की अनुकूलता जरूरी है। तापमान बढ़ने के साथ आर्द्रता में कमी और तेज धूप के कारण फूल झड़ने की समस्या बढ़ जाती है। इसके अलावा कीट व रोग का भी प्रकोप बढ़ सकता है।

प्रमुख शहरों का तापमान

शहरअधिकतम (°C)न्यूनतम (°C)
पटना31.523.7
गयाजी31.620.6
भागलपुर32.121.5
मुजफ्फरपुर30.422.6

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