Friday, March 13, 2026

बिहार सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष में 93 लाख से अधिक स्कूली छात्र-छात्राओं को पोशाक योजना की राशि सीधे उनके बैंक खातों में भेजी है.

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बिहार सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष में 93 लाख से अधिक स्कूली छात्र-छात्राओं को पोशाक योजना की राशि सीधे उनके बैंक खातों में भेजी है। मुख्यमंत्री बालिका पोशाक योजना और मुख्यमंत्री पोशाक योजना के तहत कुल 1047.08 करोड़ रुपये डीबीटी के माध्यम से ट्रांसफर किए गए

पटना। राज्य सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष में बिहार के प्रारंभिक विद्यालयों में पढ़ने वाले 93 लाख 12 हजार 192 छात्र-छात्राओं को पोशाक योजना की राशि उपलब्ध करा दी है। इस राशि का उद्देश्य है कि बच्चे निर्धारित ड्रेस पहनकर नियमित रूप से विद्यालय जा सकें। शिक्षा विभाग ने मुख्यमंत्री बालिका पोशाक योजना और मुख्यमंत्री पोशाक योजना के तहत यह भुगतान किया है। कुल 1047.08 करोड़ रुपये की राशि सीधे छात्रों के बैंक खातों में भेजी गई है। यह राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से ट्रांसफर की गई है। सरकार का कहना है कि इससे योजना का लाभ सीधे विद्यार्थियों तक पहुंच रहा है।

कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों को मिला लाभ

राज्य सरकार ने वर्ष 2008-09 में मुख्यमंत्री बालिका पोशाक योजना और मुख्यमंत्री पोशाक योजना की शुरुआत की थी। इस योजना के तहत कक्षा 1 से 8 तक के छात्र-छात्राओं को ड्रेस के लिए राशि दी जाती है।

कक्षा 1 और 2 में पढ़ने वाली छात्राओं को 600 रुपये प्रदान किए जाते हैं। कक्षा 3 से 5 की छात्राओं को 700 रुपये और कक्षा 6 से 8 की छात्राओं को 1000 रुपये मिलते हैं।

इसका उद्देश्य छात्राओं की विद्यालय में उपस्थिति बढ़ाना है। साथ ही गरीब परिवारों के बच्चों को पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित करना है।

छात्रों को भी निर्धारित दर से मिलती है राशि

मुख्यमंत्री पोशाक योजना के तहत कक्षा 1 से 2 के एपीएल छात्रों को 400 रुपये दिए जाते हैं। वहीं एससी-एसटी और बीपीएल वर्ग के छात्रों को 600 रुपये मिलते हैं।

कक्षा 3 से 5 में पढ़ने वाले एपीएल छात्रों को 500 रुपये की राशि मिलती है। एससी-एसटी और बीपीएल वर्ग के छात्रों को 600 रुपये दिए जाते हैं।

कक्षा 6 से 8 तक के सभी वर्ग के छात्रों को 700 रुपये मिलते हैं। यह राशि स्कूल ड्रेस खरीदने के लिए दी जाती है।

75 प्रतिशत उपस्थिति वाले छात्रों को मिला लाभ

योजना के तहत उन्हीं विद्यार्थियों को राशि दी जाती है जिनकी विद्यालय में उपस्थिति 75 प्रतिशत या उससे अधिक है। इस मानदंड को ध्यान में रखते हुए विद्यार्थियों का चयन किया गया है।

राज्य के राजकीय, राजकीयकृत और गैर सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालयों के छात्र इसमें शामिल हैं। अल्पसंख्यक विद्यालयों के विद्यार्थी भी योजना के लाभार्थी बने हैं।

शिक्षा विभाग ने सभी जिलों से आंकड़े प्राप्त कर भुगतान की प्रक्रिया पूरी की।इससे लाखों परिवारों को आर्थिक राहत भी मिली है।

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