Tuesday, March 17, 2026

बिहार सरकार जमीन-फ्लैट के निबंधन दस्तावेजों को सरल बनाने की तैयारी में है।

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बिहार सरकार जमीन-फ्लैट के निबंधन दस्तावेजों को सरल बनाने की तैयारी में है। अब कई पन्नों की डीड की जगह एक पेज का दस्तावेज देने का प्रस्ताव है, जिससे आम लोगों को समझने और सुरक्षित रखने में आसानी होगी। मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग ने इसका ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। साथ ही, निबंधन से पहले की प्रक्रिया को पेपरलेस किया जाएगा और पंजीकृत प्लॉटों की जीआईएस मैपिंग भी होगी।

पटना। राज्य में ई-निबंधन लागू करने के बाद अब निबंधन दस्तावेज यानी डीड के सरलीकरण की तैयारी की जा रही है।

इसके अंतर्गत जमीन-फ्लैट आदि के निबंधन पर एक पेज का डीड देने का प्रस्ताव है। मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है।

विभागीय पदाधिकारियों के अनुसार, ”वन पेजर डाक्यूमेंट” लागू करने पर विचार हो रहा है। इसका ड्राफ्ट तैयार किया जा चुका है। राज्य सरकार की स्वीकृति के बाद इसे लागू कर दिया जाएगा। 

दरअसल, अभी जमीन-फ्लैट आदि के निबंधन पर कई पन्नों का दस्तावेज यानी डीड दिया जाता है। यह डीड वर्षों पुरानी परंपरा पर चला आ रहा है।

मोटे डीड के कारण आमलोगों को इसे समझने में तो दिक्कत होती ही, इसे सुरक्षित रखना भी मुश्किल होता है। ऐसे में विभाग ने डीड को सरल और सहज बनाने का प्रस्ताव तैयार किया है।

इसके तहत निबंधन कराने पर मुख्य डीड एक पेज का होगा जिसमें क्रेता-विक्रेता आदि के साथ जमीन-फ्लैट आदि की महत्वपूर्ण जानकारी एक पेज में ही होगी। इस डीड के साथ संलग्नक (एनेक्सचर) भी देने पर विचार हो रहा है, जिसमें निबंधन से जुड़ी अन्य जानकारियां होंगी।

निबंधन के दिन ही मोबाइल पर मिल रही डीड की काॅपी 

इसके अलावा निबंधन से पूर्व की कागजी प्रक्रिया को भी पेपरलेस करने की तैयारी है। इसके लागू हो जाने के बाद निबंधन कराने से पहले देने वाले कागजी दस्तावेजों से पूरी तरह छुटकारा मिल जाएगा।

इसमें निबंधन के लिए हर तरह के जरूरी कागज या दस्तावेज ऑनलाइन ही साॅफ्ट कापी में लिए जाएंगे। इसका ट्रायल भी किया गया है।

राज्य में जमीन-मकान आदि के निबंधन के दिन ही ग्राहकों को डीड की काॅपी भी मुहैया कराई जा रही है। पिछले साल ही इस सुविधा की शुरुआत की गई है। इसके लिए एसएमएस के माध्यम से निबंधन दस्तावेज डाउनलोड करने की सुविधा है।

निबंधित प्लाॅट की होगी जीआइएस मैपिंग 

राज्य में जल्द ही जमीन के निबंधन के समय प्लाॅट के हिस्से की जीआइएस मैपिंग (भौगोलिक सूचना प्रणाली मानचित्रण) भी की जाएगी।

इसमें प्लाॅट के अक्षांश-देशांतर के साथ तस्वीर भी अपलोड करनी होगी ताकि प्लाॅट का सत्यापन हो सके। इसके लिए विभाग साॅफ्टवेयर तैयार कर रहा है। जल्द ही इसे लागू किया जाएगा।

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