Saturday, March 7, 2026

बिहार शिक्षा विभाग ने राज्य के सभी सरकारी, संस्कृत विद्यालयों और मदरसों के लगभग 5.97 लाख शिक्षकों को हर माह की पहली तारीख को वेतन भुगतान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।

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बिहार शिक्षा विभाग ने राज्य के सभी सरकारी, संस्कृत विद्यालयों और मदरसों के लगभग 5.97 लाख शिक्षकों को हर माह की पहली तारीख को वेतन भुगतान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। अपर मुख्य सचिव डॉ. बी. राजेन्द्र ने जिला शिक्षा पदाधिकारियों को सख्त हिदायत दी है कि वेतन में देरी होने पर कार्रवाई होगी

पटना। राज्य के सभी सरकारी विद्यालयों के साथ-साथ संस्कृत विद्यालयों और मदरसों के शिक्षकों को अब हर माह की पहली तारीख को वेतन भुगतान सुनिश्चित करना अनिवार्य कर दिया गया है।

प्रारंभिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत सभी श्रेणी के करीब 5.97 लाख शिक्षकों को समय पर वेतन देने के लिए शिक्षा विभाग ने सभी जिलों को सख्त निर्देश जारी किए हैं।

अपर मुख्य सचिव ने शनिवार को सभी डीईओ को दिया निर्देश

शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. बी. राजेन्द्र ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों (DEO) और जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों (स्थापना) को स्पष्ट निर्देश दिया है कि वेतन भुगतान में अनावश्यक विलंब होने पर जिम्मेदार पदाधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

प्रत्येक माह पहली तारीख को वेतन भुगतान हुआ अनिवार्य

उन्होंने कहा है कि शिक्षकों के वेतन भुगतान के लिए निर्धारित मानक कार्यप्रणाली (एसओपी) का हर हाल में पालन सुनिश्चित किया जाए।

यह एसओपी 8 दिसंबर 2025 को प्राथमिक शिक्षा निदेशक के हस्ताक्षर से जारी की गई थी। इसकी प्रति सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों और जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों को उपलब्ध करा दी गई है।

संस्कृत व मदरसा शिक्षकों और रात्रि प्रहरियों को भी मिलेगा एक को ही वेतन

निर्देश में कहा गया है कि प्रत्येक माह की पहली तारीख को सभी शिक्षकों के वेतन का भुगतान हर हाल में सुनिश्चित किया जाए।

यही व्यवस्था अल्पसंख्यक विद्यालयों, मदरसों और संस्कृत विद्यालयों के शिक्षकों के वेतन भुगतान पर भी लागू होगी। श‍िक्षकों के लिए यह गुुड न्‍यूज है। उन्‍हें वेतन के लिए टकटकी लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।  

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