Thursday, February 12, 2026

बिहार विधानसभा के बजट सत्र में कांग्रेस और राजद नेताओं ने मुंह पर काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन किया।

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बिहार विधानसभा के बजट सत्र में कांग्रेस और राजद नेताओं ने मुंह पर काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन किया। उन्होंने राज्य में बढ़ते अपराध, खराब कानून-व्यवस्था, निम्न साक्षरता दर और कम प्रति व्यक्ति आय को लेकर सरकार पर निशाना साधा। विपक्ष ने श्रमिकों के लिए 700 रुपये दैनिक मजदूरी की भी मांग की, सरकार से इन मुद्दों पर ठोस कदम उठाने की अपील की।

पटना। बिहार विधानसभा के बजट सत्र के आठवें दिन वर्ष 2026-27 के आय-व्यय पर चर्चा शुरू होने से पहले सदन परिसर का माहौल गरमा गया। कांग्रेस नेता मुंह पर काली पट्टी बांधकर पोर्टिको में पहुंचे। इस प्रतीकात्मक प्रदर्शन के जरिए उन्होंने राज्य में बढ़ते अपराध और सरकार की कथित चुप्पी के खिलाफ आवाज उठाई। प्रदर्शन के दौरान कुछ देर तक नारेबाजी भी हुई। बाद में सभी विधायक सदन की कार्यवाही में शामिल होने के लिए भीतर चले गए।

अपराध के मुद्दे पर सरकार पर हमला

विधायक अभिषेक रंजन समेत कांग्रेस के अन्य नेताओं ने कहा कि प्रदेश में अपराध की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। आरोप लगाया कि सरकार इस गंभीर मुद्दे पर स्पष्ट जवाब देने से बच रही है। उनका कहना था कि इससे यह प्रतीत होता है कि सरकार अपराध के सवाल पर मौन साधे हुए है। कांग्रेस विधायकों ने कानून-व्यवस्था की स्थिति को चिंताजनक बताया। साथ ही सरकार से अपराध नियंत्रण पर ठोस कदम उठाने और सदन में विस्तृत चर्चा कराने की मांग की।

बिहार की बदहाली पर संयुक्त प्रदर्शन

गुरुवार को बिहार विधानसभा परिसर में राजद और कांग्रेस नेताओं ने संयुक्त रूप से प्रदर्शन किया। विपक्षी सदस्यों ने राज्य की मौजूदा स्थिति को बदहाल बताते हुए सरकार पर निशाना साधा। हाथों में नारे लिखी तख्तियां लेकर पहुंचे नेताओं ने सरकार विरोधी नारे लगाए। उनका कहना था कि विकास के दावे जमीनी हकीकत से मेल नहीं खाते। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में विपक्षी विधायक मौजूद रहे।

साक्षरता, आय और निवेश का मुद्दा उठाया

विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि बिहार आज भी साक्षरता दर में देश में सबसे पीछे है। उनका कहना था कि प्रति व्यक्ति आय सबसे कम है और राज्य में प्रति व्यक्ति निवेश भी न्यूनतम स्तर पर है। नेताओं ने कहा कि विकास के दावों के बावजूद आम जनता बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रही है। विपक्ष ने सरकार से इन मुद्दों पर स्पष्ट जवाब देने की मांग की। साथ ही राज्य की आर्थिक स्थिति पर विस्तृत चर्चा की जरूरत बताई।

कानून-व्यवस्था पर भी सरकार को घेरा

नेताओं ने कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर भी सरकार पर हमला बोला। उनका आरोप था कि राज्य में अपराध और प्रतिदिन होने वाली हत्याओं की घटनाओं में बढ़ोतरी हुई है। इससे आम लोगों में भय का माहौल बना हुआ है। विपक्षी विधायकों ने कहा कि सरकार कानून व्यवस्था संभालने में असफल रही है। उन्होंने सदन में इस मुद्दे पर गंभीर चर्चा की मांग दोहराई।

700 रुपये दैनिक मजदूरी की मांग

प्रदर्शन के दौरान श्रमिकों के हितों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। विपक्ष ने राज्य में श्रमिकों के लिए न्यूनतम दैनिक मजदूरी 700 रुपये निर्धारित करने की मांग की। नेताओं का कहना था कि महंगाई के इस दौर में मजदूरों को पर्याप्त राहत मिलनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।

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