बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने घोषणा की कि सरकार दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों में तैनात डॉक्टरों को अतिरिक्त वेतन देगी। विधानसभा में 21,270.64 करोड़ का स्वास्थ्य बजट पारित किया गया। उन्होंने बताया कि 44,321 नियुक्तियां प्रक्रियाधीन हैं, जिसमें 5,000 नर्सों की नियुक्ति 15 दिनों में पूरी होगी। शिशु मृत्यु दर और मातृ-मृत्यु अनुपात में कमी भी दर्ज की गई है।
पटना। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा है कि राज्य के दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों में पदस्थापित डॉक्टरों के प्रोत्साहन के लिए सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है। ऐसे डॉक्टरों को वेतन के अलावा अलग से वेतन दिया जाएगा।
मंत्री मंगल पांडेय सोमवार को विधानसभा में स्वास्थ्य विभाग के बजट पर लाए गए कटौती प्रस्ताव के सरकार का जवाब रख रहे थे। विपक्ष की गैर मौजूदगी के बीच विधानसभा में स्वास्थ्य विभाग का 21,270.64 करोड़ का बजट पारित कर दिया गया।
सरकार का पक्ष रखते हुए मंत्री मंगल पांडेय ने सदन में बताया कि समाज के अंतिम पायदान तक प्रत्येक व्यक्ति को सभी प्रकार की गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा सहज और सुलभ तरीके से देने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। इसी कड़ी में सरकार सरकारी डॉक्टरों की निजी प्रैक्टिस पर रोक के लिए नीति ला रही है। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में तैनात डॉक्टरों को सरकार अतिरिक्त वेतन भी देगी।
मंत्री ने सदन में विभिन्न नियुक्तियों का हवाला देकर कहा कि राज्य में विभिन्न संवर्ग के विभिन्न पदों पर 39095 नियमित नियुक्ति एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत 5226 रिक्तियां यानी कुल 44321 रिक्तियों की नियुक्ति प्रक्रियाधीन है। उन्होंने घोषणा की कि अगले 15 दिनों में पांच हजार नर्सों की नियुक्ति प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।
सरकार का उपलब्धियां गिनाते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राज्य में शिशु मृत्यु दर एसआरएस 2023 के अनुसार घटकर 12 हो गया है। इसी तरह नवजात शिशु मृत्यु दर घटकर 18 हो गई है। राज्य में मातृ-मृत्यु अनुपात घटकर 104 हो गया है। सतत विकास 2030 के तहत 70 तक लाने की योजना है।
उन्होंने कहा, केंद्र सरकार के ड्रग, वैक्सीन डिस्ट्रीब्यूशन मैनेजमेंट सिस्टम के सेंट्रल डैशबोर्ड पर दवाओं की आपूर्ति में बिहार 17 महीने से लगातार नंबर वन पर है। आयुष्मान योजना के हवाले कहा कि राज्य में 1.79 करोड़ परिवारों का आयुष्मान कार्ड बनना है। जिसमें से 1.69 करोड़ परिवारों एवं 4.14 करोड़ पात्र लाभार्थियों का आयुष्मान कार्ड दिया जा चुका है।
एक्यूट इंसेफ्लाइटिस सिंड्रोम का हवाला देकर मंत्री ने सदन को बताया कि 15 एईएस प्रभावित जिलों में 10-10 बेड शिशु चिकित्सा गहन इकाई कार्यरत है। इसके अलावा एसकेएमसीएच मुजफ्फरपुर में 100 बेड का शिशु चिकित्सा गहन इकाई तथा सदर अस्पताल में आठ बेड के इंसेफ्जाइटिस बेड हैं।
एंबुलेंस का विवरण देते हुए मंत्री पांडेय ने कहा कि वर्तमान में राज्य में कुल 1941 एंबुलेंस हैं। जल्द ही इसमें 124 नई एंबुलेंस शामिल होंगी। जिनके बाद इनकी संख्या बढ़कर 2065 हो जाएगी।
जिला अस्पताल बनेंगे सुपर स्पेशलिटी
मंत्री मंगल पांडेय ने सात निश्चय 3 के बारे में कहा इसके तहत स्वास्थ्य विभाग को कुछ कार्य सौंपे गए हैं। जिसके तहत प्रखंड स्तरीय अस्पताल को विशिष्ट चिकित्सा केंद्र, जिला अस्पताल को अति विशिष्ट चिकित्सा केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। नए निजी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल को बढ़ाया देने के लिए लोक निजी भागीदारी को बढ़ावा दिया जाएगा।
मंत्री ने सदन में बताया 2025-26 में 7468 एएनएम की नियुक्ति की गई है। कुल 597 नियमित और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत 2387 सामान्य और आयुष डॉक्टरों की नियुक्ति की गई है। 1126 नियमित विशेषज्ञ डॉक्टर व स्वास्थ्य मिशन के तहत 228 विशेषज्ञ डॉक्टर नियुक्त किए गए हैं। 3682 सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारी नियुक्त किए गए हैं। 14060 एएनएम की नियुक्ति शीघ्र होने वाली है।


