Tuesday, February 10, 2026

बिहार के गन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार ने बताया कि 25 जिलाधिकारी बंद चीनी मिलों को फिर से चालू करने और नई मिलों की स्थापना के लिए भूमि चिह्नित कर रहे हैं। द

Share

बिहार के गन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार ने बताया कि 25 जिलाधिकारी बंद चीनी मिलों को फिर से चालू करने और नई मिलों की स्थापना के लिए भूमि चिह्नित कर रहे हैं। दरभंगा और मधुबनी में नई मिलें सहकारिता विभाग द्वारा स्थापित होंगी। सरकार का लक्ष्य एक करोड़ रोजगार पैदा करना है। 10 मिलें अभी चालू हैं, जबकि 9 बंद मिलों का जीर्णोद्धार होगा। किसानों को गन्ने के मूल्य का 87.78% भुगतान हो चुका है।

पटना। गन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार ने मंगलवार को बताया कि बंद चीनी मिलों को चालू करने और नई चीनी मिलों की स्थापना के लिए 25 जिलाधिकारी भूमि चिह्नित करने में जुटे हुए हैं। इसके लिए विभाग की ओर से उन्हें पत्र भेजा गया है।

दरभंगा जिला में रैयाम और मधुबनी में सकरी चीनी मिल की स्थापना सहकारिता विभाग द्वारा होगी। उनकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने के लिए गन्ना उद्योग विभाग ने अपनी सहमति दे दी है।

सरकार एक करोड़ नौकरी-रोजगार का वादा किए हुए है। चीनी मिलों के जरिये नियोजन का बड़ा अवसर मिलेगा। इसका हवाला देते हुए मंत्री ने बताया कि नौ चीनी मिलें कई वर्षों से बंद हैं। सात निश्चय-3 में उनके जीर्णोद्धार कराने का निर्णय लिया गया है। 25 चीनी मिलों की स्थापना के लिए पहल हो रही।

जिलाधिकारियों को निर्देश है कि चीनी मिल के लिए स्थल के चयन में पुराने और बंद चीनी मिल को भी देखा जा सकता है। अभी बिहार में 10 चीनी मिलें उत्पादन कर रही हैं। पांच वर्ष के अंदर सभी नई चीनी मिलों को चालू करने का लक्ष्य है।

इससे संबंधित नीति निर्धारण और कार्ययोजना के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में उच्च-स्तरीय समिति के गठन की स्वीकृति दी गई है। प्रेस-वार्ता में ईख आयुक्त अनिल कुमार झा, संयुक्त ईख आयुक्त जय प्रकाश नारायण सिंह आदि उपस्थित रहे।

उल्लेखनीय है कि विभाग के अपर मुख्य सचिव के. सेंथिल कुमार ने पांच फरवरी को 14 जिलाधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर भूमि चयन कर रिपोर्ट भेजने का निर्देश दिया था। इसी के साथ उन्होंने चीनी मिल स्थल के चयन और गन्ना की खेती पर विचार करने के लिए विशेष कृषि टास्क फोर्स गठित करने का भी निर्देश दिया है।

एक चीनी मिल के लिए लगभग 100 एकड़ भूमि चाहिए। चीनी मिल के आसपास 30 से 40 हजार एकड़ गन्ना की खेती की आवश्यकता होगी। मिल के लिए चिह्नित स्थल के निकटवर्ती क्षेत्र में गन्ना की खेती एवं सिंचाई के लिए उपलब्ध सुविधाओं की समीक्षा की जाए।

किसानों को अब तक भुगतान मात्र 87.78 प्रतिशत:

इस पेराई सत्र में किसानों से चीनी मिलों ने अब तक 427.14 लाख क्विंटल गन्ने की खरीद की है। उसका मूल्य 1589 करोड़ 69 लाख रुपये बनता है। उसके विरुद्ध 1395 करोड़ 38 का भुगतान कर दिया गया है। यानी कि अब तक खरीदे गए गन्ना के एवज में 87.78 प्रतिशत का भुगतान हुआ है। बकाया राशि का भुगतान भी शीघ्र हो जाएगा।

Read more

Local News