बिहार की चार स्मार्ट सिटी- पटना, बिहारशरीफ, भागलपुर और मुजफ्फरपुर में ट्रैफिक व्यवस्था को स्मार्ट बनाने की तैयारी है. एडेप्टिव एआई कैमरे लगाए जाएंगे. जो रीयल-टाइम में सिग्नल कंट्रोल करेंगे और नियम तोड़ने वालों का स्वतः ई-चालान जारी करेंगे. इससे जाम और हादसों में कमी आने की उम्मीद है.
बिहार की चार स्मार्ट सिटी में ट्रैफिक व्यवस्था अब हाईटेक होने जा रही है. पटना, बिहारशरीफ, भागलपुर और मुजफ्फरपुर में एडेप्टिव एआई कैमरे लगाए जाएंगे. इन कैमरों का मकसद सिर्फ निगरानी नहीं, बल्कि ट्रैफिक को स्मार्ट तरीके से कंट्रोल करना है.
पुलिस मुख्यालय ने इसका प्रस्ताव परिवहन विभाग को भेज दिया है. संबंधित शहरों में सर्वे भी पूरा हो चुका है. मंजूरी मिलते ही इंस्टॉलेशन का काम शुरू कर दिया जाएगा. अधिकारियों का दावा है कि इससे जाम की समस्या में बड़ी राहत मिलेगी.
कई बड़े शहरों में पहले से काम कर रही यह तकनीक
देश के कई बड़े शहरों में यह तकनीक पहले से काम कर रही है. बेंगलुरु, अहमदाबाद, नोएडा, दिल्ली, विशाखापट्टनम, हैदराबाद और गुरुग्राम में इसके सकारात्मक परिणाम मिले हैं. इन्हीं शहरों के अध्ययन के बाद बिहार में इसे लागू करने का फैसला लिया गया.
पटना में लगेंगे 28 एआई कैमरे
पटना में 28 प्रमुख चौराहों पर एआई कैमरे लगाए जाएंगे. यह सिस्टम वाहनों के दबाव को रीयल-टाइम में पढ़ेगा. जिस दिशा में गाड़ियों की संख्या ज्यादा होगी, वहां सिग्नल का समय बढ़ जाएगा. जहां कम वाहन होंगे, वहां सिग्नल जल्दी बदल जाएगा. इससे अनावश्यक रुकावट कम होगी और ट्रैफिक फ्लो बेहतर होगा.
ये कैमरे पारंपरिक सीसीटीवी से अलग होंगे. ये सिर्फ रिकॉर्डिंग नहीं करेंगे. बल्कि नियम तोड़ने वालों का तुरंत ई-चालान जारी करेंगे. हेलमेट न पहनना, सीट बेल्ट न लगाना, मोबाइल पर बात करना, गलत दिशा में गाड़ी चलाना और ट्रिपल राइडिंग समेत 14 तरह के उल्लंघन पकड़े जाएंगे.
हादसों में आ सकती है कमी
एडीजी ट्रैफिक सुधांशु कुमार के मुताबिक, इससे सड़क हादसों में 25 प्रतिशत तक कमी आ सकती है. जुर्माना वसूली में भी 50 प्रतिशत तक सुधार की उम्मीद है. डाकबंगला चौराहा, आयकर गोलंबर, गांधी मैदान, हाईकोर्ट मोड़, कुर्जी मोड़, दीघा-आशियाना और जेपी गोलंबर जैसे व्यस्त इलाकों में यह सिस्टम खास असर दिखाएगा.
विशेषज्ञों का मानना है कि एआई आधारित यह पहल बिहार की ट्रैफिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव ला सकती है.


