मुंबई: भारतीय इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्स लगातार दूसरे सप्ताह हरे निशान में बंद हुए हैं. मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच घोषित हुए दो हफ्ते के युद्धविराम की खबर ने बाजार में संजीवनी का काम किया है. इस सकारात्मक वैश्विक खबर के बाद ट्रेडर्स द्वारा की गई भारी शॉर्ट कवरिंग ने बाजार को बड़ी ऊंचाई दी.
बाजार का साप्ताहिक प्रदर्शन
Nifty 50: इस सप्ताह निफ्टी में 5.89 प्रतिशत की बड़ी बढ़त दर्ज की गई. हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन यह 1.16 प्रतिशत चढ़कर 24,050 के स्तर पर बंद हुआ.
BSE Sensex: सेंसेक्स भी साप्ताहिक आधार पर 5.77 प्रतिशत मजबूत हुआ. अंतिम दिन इसमें 918 अंकों (1.20%) की तेजी आई और यह 77,550 के स्तर पर बंद हुआ.
Bank Nifty: बैंकिंग इंडेक्स ने इस बार मुख्य सूचकांकों से भी बेहतर प्रदर्शन किया. बैंक निफ्टी ने हफ्ते के दौरान 8.47 प्रतिशत की भारी छलांग लगाई और 55,912 के स्तर पर बंद हुआ.
तेजी के मुख्य कारण
क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट
युद्धविराम के ऐलान के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी कमी आई और यह $95 प्रति बैरल के नीचे आ गया. भारत अपनी जरूरत का अधिकांश तेल आयात करता है, इसलिए क्रूड का सस्ता होना अर्थव्यवस्था के लिए काफी सकारात्मक माना जाता है.
हॉर्मुज जलडमरूमध्य का खुलना
व्यापारिक जहाजों के लिए इस बेहद महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते के दोबारा सुचारू होने की खबरों ने निवेशकों की घबराहट को काफी कम कर दिया.
वोलेटिलिटी में कमी
बाजार के डर को मापने वाला ‘इंडिया विक्स’ (India VIX) इस हफ्ते 7.72 प्रतिशत गिरकर 18.85 पर आ गया. विक्स का गिरना यह दर्शाता है कि बाजार में अब पहले जैसा डर का माहौल नहीं रहा.
सेक्टर का हाल और आगे की दिशा
इस हफ्ते रियल्टी, कैपिटल मार्केट्स और फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर्स सबसे बड़े विनर साबित हुए. साप्ताहिक आधार पर रियल्टी सेक्टर में करीब 12.97% की बढ़त देखी गई. इसके अलावा मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स भी क्रमश: 7.76% और 7.60% उछले.
मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, तकनीकी तौर पर निफ्टी के लिए अब 23,500 से 23,150 का दायरा मजबूत सपोर्ट का काम करेगा. वहीं, ऊपर की ओर 24,500 से 25,000 के स्तर पर रुकावट (रेसिस्टेंस) देखने को मिल सकती है. हालांकि, जानकारों का यह भी मानना है कि सीजफायर सिर्फ दो हफ्तों का है, इसलिए निवेशकों को वैश्विक घटनाक्रमों और कच्चे तेल की चाल पर कड़ी नजर रखनी चाहिए.


