Thursday, March 19, 2026

फेडरल रिजर्व की बैठक और वैश्विक तनाव के बीच एमसीएक्स पर सोना ₹1,57,145 और चांदी ₹2,62,899 के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए हैं.

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अमेरिकी फेडरल रिजर्व की महत्वपूर्ण नीतिगत बैठक से पहले मंगलवार को भारतीय वायदा बाजार (MCX) में सोने और चांदी की कीमतों में तेजी दर्ज की गई. निवेशकों की सतर्कता और भू-राजनीतिक तनाव के बीच दोनों कीमती धातुओं ने शुरुआती कारोबार में बढ़त बनाई.

एमसीएक्स (MCX) का हाल
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर 2 अप्रैल की एक्सपायरी वाला सोना वायदा सुबह करीब 10 बजे ₹1,409 या लगभग 1 प्रतिशत की तेजी के साथ ₹1,57,145 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था. सत्र के दौरान सोने ने ₹1,56,649 का इंट्राडे लो (न्यूनतम स्तर) छुआ, जो बाजार में मजबूती लेकिन एक सीमित दायरे के रुझान को दर्शाता है.

वहीं, 5 मई के चांदी वायदा अनुबंधों में 2.4 प्रतिशत या ₹6,367 की बड़ी उछाल देखी गई, जिसके बाद यह ₹2,62,899 प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया. चांदी ने शुरुआती कारोबार में ₹2,58,338 का निचला स्तर छुआ था.

फेड मीटिंग और वैश्विक कारण
कीमती धातुओं में यह तेजी अमेरिकी फेडरल रिजर्व की दो दिवसीय बैठक शुरू होने से ठीक पहले आई है. बाजार की नजरें 18 मार्च को आने वाले बैठक के नतीजों पर टिकी हैं. विश्लेषकों का मानना है कि ईरान-अमेरिका-इजरायल संघर्ष के कारण कच्चे तेल की कीमतों में पिछले एक महीने में 50 प्रतिशत से अधिक का उछाल आया है. तेल की बढ़ती कीमतें वैश्विक मुद्रास्फीति (महंगाई) की चिंता बढ़ा रही हैं, जो फेड के ब्याज दर संबंधी फैसलों को प्रभावित कर सकती हैं.

क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स?
विशेषज्ञों के अनुसार, रिकॉर्ड ऊंचाई छूने के बाद अब सोना और चांदी ‘कंसोलिडेशन’ (स्थिरीकरण) के दौर से गुजर रहे हैं.

सोना: जब तक कीमतें ₹1,55,000–₹1,56,000 के सपोर्ट जोन से ऊपर बनी रहती हैं, तब तक मध्यम अवधि का नजरिया तेजी का ही रहेगा. यदि यह ₹1,59,000 के स्तर को पार करता है, तो भाव ₹1,63,000 से ₹1,65,000 तक जा सकते हैं.

चांदी: चांदी के लिए ₹2,65,000 से ऊपर का टिकना इसे ₹2,75,000–₹2,80,000 की ओर ले जा सकता है.

हाल के महीनों में सोने-चांदी की तेजी का मुख्य कारण ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद रही है. हालांकि, यदि फेडरल रिजर्व बढ़ती महंगाई के कारण दरों को ऊंचा बनाए रखने का संकेत देता है, तो कीमतों पर दबाव दिख सकता है. फिलहाल, पश्चिम एशिया में जारी तनाव ने बाजार की धारणा को सुरक्षित निवेश की ओर मोड़ रखा है.

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