Friday, April 4, 2025

प्राइवेट बस स्टैंड में मजदूर से रुपये व मोबाइल छिनतई

Share

देवघर में प्राइवेट बस स्टैंड में गिरिडीह के मजदूर से कुछ बदमाशों ने लूटपाट की, बदमाशों ने युवक से नकदी और मोबाइल छीन लिये. पीड़ित युवक ने थाने में शिकायत दी है.

 देवघर में धपरा गिरोह का आतंक थम नहीं रहा है. गिरोह के सदस्यों द्वारा गुरुवार अहले सुबह बोरिंग गाड़ी में काम करने वाले एक मजदूर से नकदी रुपये व मोबाइल छिनतई किये जाने का मामला सामने आया है. घटना के बाद पीड़ित गिरिडीह जिले के पीरटांड़ थाना क्षेत्र के हरलाडीह गांव निवासी बाबूराम हांसदा शिकायत देने नगर थाना पहुंचा. उसने बताया कि वह बोरिंग गाड़ी में बतौर मजदूर काम करता है. बुधवार रात को वह घर जाने के लिए बस स्टैंड आया, लेकिन उसे पता चला कि बस सुबह में मिलेगी. स्टैंड में ही एक किनारे में रात को वह सो गया. अहले सुबह करीब चार बजे तीन युवक उसके पास आये और छिनतई का प्रयास करने लगे. मजदूर ने विरोध किया, तो उसके साथ मारपीट की गयी. बदमाशों ने मारपीट कर उसके पास से 700 रुपये नकद व मोबाइल छीन लिये. घटना को अंजाम देकर वे तीनों भाग गये. इस संबंध में नगर थाने की पुलिस से बाबूराम ने कार्रवाई की मांग की है. जानकारी हो कि धपरा गिरोह से निजात दिलाने के लिए पुलिस प्रशासन गंभीर नहीं है. आये दिन इस तरह की लूट, छिनतई, चोरी की घटनाओं को गिरोह के सदस्यों द्वारा अंजाम दिया जा रहा है. लक्ष्मी बाजार इलाके सहित आरएल सर्राफ स्कूल के आसपास व बाजार में भी उक्त गिरोह के सदस्य छिनतई की घटना को अंजाम देते हैं. पुराना मीना बाजार चौक के आसपास के इलाके में किसी भी ठेला वाले का सामान जबरन ले लेते हैं. पैसा मांगने पर गाली गलौज करते हैं और धमकी देते हैं. लोग इस गिरोह से परेशान हैं. छोटी घटना की शिकायत तो थाने में करते तक नहीं हैं. पुलिस भी कार्रवाई के नाम पर अक्सर खानापूर्ति ही करती है. कई बार गिरोह के सदस्यों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है. लेकिन जेल से बाहर आने के बाद ये लोग फिर से इसी धंधे में जुट जाते हैं. नगर निगम में काम करने की आड़ में ये लोग आपराधिक घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं. इन लोगों ने बस स्टैंड के पीछे क्लब ग्राउंड व नगर स्टेडियम के पास अवैध कालोनी बना रखा है. उक्त कॉलोनी के कई घरों में अवैध रूप से बिजली का उपभोग भी करते हैं. लेकिन इन्हें रोकने वाला कोई नहीं है. उक्त कॉलोनी में रह रहे लोगों में बिहार के मोकामा, जमुई, मुंगेर, बांका आदि इलाके के मूल निवासी शामिल हैं. स्थानीय ने पहले इन्हें संरक्षण दिया और अब ये युवक उनके लिए भी सिरदर्द बन चुके हैं. इन लोगों को शहर के बीच से हटाकर कहीं अन्यत्र बसाने की जरूरत है. ऐसा करने से इस गिरोह पर काफी हद तक अंकुश लग सकता है.

Table of contents

Read more

Local News