Friday, March 13, 2026

पुलिस ने छापेमारी कर मैसूरु में लिंग जांच मामले में 5 लोगों को गिरफ्तार किया है.

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कर्नाटक के मैसूरु में भ्रूण लिंग परीक्षण और हत्या का मामला सामने आया है. स्वास्थ्य अधिकारियों और कर्मचारियों के नेतृत्व में पुलिस ने छापेमारी कर कन्या भ्रूण हत्या करने वालों को गिरफ्तार कर लिया है. बता दें कि, मैसूरु मुख्यमंत्री सिद्धारमैया का गृह जिला भी है.

पुलिस को सूचना मिली कि, मैसूरु तालुक के हनुगनहल्ली स्थित एक घर में भ्रूण की जांच की जाती है. इसके तुरंत बाद आनन-फानन में स्वास्थ्य विभाग और पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाया और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया.

आलीशान घर में अपराध को अंजाम दे रहे बदमाशों ने ग्रामीण इलाकों की महिलाओं को निशाना बनाया था. लाखों रुपये लेकर स्कैनिंग करने वाली टीम गर्भ में पल रहे भ्रूण का लिंग पता करती थी. फिर, अगर भ्रूण कन्या होता, तो गर्भपात करा दिया जाता था. पुलिस ने रेड मारकर इस शर्मनाक और गलत काम में शामिल लोगों को गिरफ्तार किया और इस कार्य में इस्तेमाल किए गए उपकरण भी जब्त कर लिए.

जिला स्वास्थ्य अधिकारी पीसी कुमारस्वामी ने बताया कि, लिंग जांच मामले में 5 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. यह अभियान स्वास्थ्य विभाग के डीडी विवेक, मांड्या के डीएचओ मोहन और मैसूर के डीएचओ पीसी कुमारस्वामी के नेतृत्व में चलाया गया.

तेलंगाना में भी लिंग परीक्षण का केस
इसी साल जुलाई के महीने में तेलंगाना के भुवनागिरी शहर में स्थित एक निजी अस्पताल में अवैध लिंग परीक्षण और गर्भपात का सनसनीखेज मामला सामने था. यह पूरा मामला तब उजागर हुआ जब राचकोंडा स्पेशल ऑपरेशन टीम पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर अस्पताल पर छापेमारी की.

पुलिस ने जानकारी दी थी कि रविवार रात 10 बजे गायत्री अस्पताल में दो महिलाओं का गर्भपात किया जा रहा था. जांच में पाया गया कि डॉ. हीरेकर शिवकुमार ने इन दोनों महिलाओं के भ्रूण का पहले ही गर्भपात कर दिया था. जांच के दौरान भ्रूण बरामद किए गए और उन्हें डीएनए परीक्षण के लिए भेजा गया.

पुलिस निरीक्षक रमेश कुमार ने बताया कि आरोपी डॉ. शिवकुमार को स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. पुलिस जांच में यह भी सामने आया था कि भ्रूण लिंग परीक्षण गायत्री अस्पताल के बगल में स्थित एसएलएन लैब में किया जा रहा था.

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