रांची: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र में आज वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के बजट पर चर्चा हुई. पक्ष और विपक्ष की ओर से बजट पर विस्तृत चर्चा के बाद मुख्य विपक्षी दल भाजपा के विधायकों के सदन से वाकआउट के बीच ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग का बजट प्रस्ताव सदन से पारित हो गया.
मीडिया से बातचीत में राज्य की ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि इस बजट में कोई नई योजना शामिल नहीं की गई है, लेकिन चल रही पुरानी योजनाओं को धरातल पर उतारने की गति बढ़ाई जाएगी. उन्होंने कहा कि केंद्र के बजट से तुलना करें तो राज्य की महागठबंधन सरकार ने कुल बजट का करीब 12 प्रतिशत हिस्सा
मंत्री ने बताया कि राज्य में अबुआ आवास योजना को तेज करने के लिए अलग से राशि का प्रावधान किया गया है. इस वित्तीय वर्ष में अबुआ आवास योजना में तेजी लाई जाएगी. उन्होंने कहा कि राज्य में अबुआ आवास की कुल स्वीकृत 6 लाख 30 हजार योजनाओं में से 1 लाख 90 हजार योजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं. इस वर्ष बाकी स्वीकृत योजनाओं को पूरा कर लिया जाएगा.
ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि राज्य में पेसा नियमावली बनाना सरकार की बड़ी उपलब्धि है. अब सरकार ग्राम सभाओं को और अधिक सशक्त करेगी. भाजपा विधायकों के वाकआउट के बीच बजट पारित होने पर संतोष जताते हुए उन्होंने कहा कि यदि विपक्ष साथ दे तो राज्य के विकास की रफ्तार और तेज होगी.
बजट चर्चा के दौरान डुमरी विधायक जयराम महतो ने ग्रामीण विकास मंत्री को सलाह देते हुए पूर्व तीन ग्रामीण विकास मंत्रियों के जेल जाने का हवाला दिया था और विभागीय बाबुओं से सावधान रहने की हिदायत दी थी. इस पर प्रतिक्रिया देते हुए दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि जयराम महतो अभी नए-नए विधायक बने हैं, उनमें उत्साह है लेकिन धीरे-धीरे वे समझेंगे कि किन बातों से सदन की गरिमा बढ़ती है. उन्होंने कहा कि उन्हें यह समझना चाहिए कि राज्य में भाजपा या सहयोगी दलों की सरकार न होने की वजह से किसके इशारे पर ईडी या केंद्रीय एजेंसियों ने पूर्व ग्रामीण विकास मंत्री को टारगेट किया. मंत्री ने कहा कि विभागीय मंत्री होने के नाते उनकी नजर विभाग की सभी गतिविधियों पर रहती है.
विधायक निधि की राशि जल्द जारी
विधायकों द्वारा विधायक निधि बढ़ाने और अन्य अपेक्षाओं से जुड़े सवालों के जवाब में मंत्री ने कहा कि इस वर्ष विधायक निधि की राशि जल्द जारी कर दी जाएगी. उन्होंने बताया कि हर विधानसभा क्षेत्र में 15 किलोमीटर ग्रामीण सड़क और 10 करोड़ रुपये की पुल-पुलिया बनाने का फैसला लिया गया है.


