प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को इजराइल की संसद ‘नेसेट’ को संबोधित करते हुए भारत और इज़राइल के बीच आर्थिक और रणनीतिक संबंधों के एक नए अध्याय की शुरुआत की. किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री द्वारा नेसेट में दिया गया यह पहला संबोधन था, जिसमें उन्होंने दोनों देशों के बीच व्यापार विस्तार, निवेश प्रवाह को मजबूत करने और बुनियादी ढांचे के विकास पर जोर दिया.
मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर जोर
प्रधानमंत्री मोदी ने घोषणा की कि भारत और इज़राइल एक महत्वाकांक्षी ‘मुक्त व्यापार समझौते’ (FTA) की दिशा में तेजी से बढ़ रहे हैं. उन्होंने कहा, “हमारा द्विपक्षीय वस्तु व्यापार हाल के वर्षों में कई गुना बढ़ा है, लेकिन यह अभी भी हमारी वास्तविक क्षमता को नहीं दर्शाता है. हमारी टीमें एक व्यापक FTA पर कड़ी मेहनत कर रही हैं, जो दोनों देशों के व्यापारिक रिश्तों में छिपी अपार संभावनाओं के द्वार खोलेगा.” उन्होंने पिछले साल हस्ताक्षरित ‘द्विपक्षीय निवेश संधि’ (Bilateral Investment Treaty) का भी जिक्र किया, जो व्यवसायों को अधिक विश्वास और सुरक्षा प्रदान करेगी.
तकनीक और स्टार्टअप का नया तालमेल
इज़राइल को ‘स्टार्टअप नेशन’ बताते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भारत की महत्वाकांक्षी युवा पीढ़ी और इज़राइल का इनोवेशन इकोसिस्टम एक-दूसरे के पूरक हैं. उन्होंने सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और क्वांटम टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में भविष्य के सहयोग की संभावनाओं को रेखांकित किया. पीएम ने 2018 में शुरू हुए ‘iCreate’ इनक्यूबेटर की सफलता को याद करते हुए बताया कि इसने अब तक लगभग 900 स्टार्टअप्स की मदद की है. इसके अतिरिक्त, भारत की डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) का उपयोग करके क्रॉस-बॉर्डर वित्तीय संपर्क बनाने पर भी चर्चा की गई.
कृषि क्षेत्र में ‘चमत्कार’ की तैयारी
कृषि क्षेत्र में इज़राइल की विशेषज्ञता की प्रशंसा करते हुए प्रधानमंत्री ने एक बड़ा लक्ष्य साझा किया. उन्होंने बताया कि वर्तमान में भारत में 43 ‘उत्कृष्टता केंद्र’ (Centres of Excellence) काम कर रहे हैं, जिनसे 5 लाख से अधिक किसानों को लाभ मिला है. अब इस संख्या को बढ़ाकर 100 केंद्र करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा गया है, ताकि करोड़ों किसानों और मछुआरों को इज़राइली जल प्रबंधन और सिंचाई तकनीक का लाभ मिल सके.
वैश्विक गलियारे और शांति की अपील
प्रधानमंत्री ने I2U2 (भारत, इज़राइल, यूएई, और अमेरिका) और भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे (IMEC) जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इज़राइल के साथ मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता जताई. व्यापार के साथ-साथ उन्होंने आतंकवाद के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ और क्षेत्रीय शांति के लिए जारी प्रयासों का भी समर्थन किया.


