पाकिस्तान एथलेटिक्स महासंघ ने पेरिस ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट अरशद नदीम के कोच सलमान इकबाल बट पर बड़ा एक्शन लिया है. महासंघ ने उन पर पंजाब एथलेटिक्स संघ के चुनाव में नियमों का उलंघन करने का आरोप लगाते हुए आजीवन प्रतिबंध लगा दिया है.
इसके अलावा पाकिस्तान एथलेटिक्स महासंघ ने पंजाब संघ के चुनावों को भी अमान्य घोषित कर दिया है क्योंकि चुनाव प्रक्रिया महासंघ के संविधान का उल्लंघन थी. महासंघ ने मामले की समीक्षा के लिए एक जांच समिति गठित की थी, लेकिन अरशद के कोच सलमान इकबाल बट जांच समिति के सामने पेश नहीं हुए.
इस प्रतिबंध की वजह से सलमान इकबाल अब किसी भी प्रकार की एथलेटिक्स गतिविधि में भाग नहीं ले सकेंगे. पाकिस्तान एथलेटिक्स महासंघ की घोषणा के अनुसार, महासंघ ने सभी संबद्ध इकाइयों और संस्थानों को भी प्रतिबंध के निर्णय के बारे में सूचित कर दिया है.
जवेलीन थ्रो स्टार अरशद नदीम की उपलब्धियां
इकबाल का नदीम के साथ पुराना नाता है और उन्हीं की कोचिंग में इस पाकिस्तानी एथलीट ने अब तक अपने करियर में कई उपलब्धियां हासिल की हैं. अरशद ने पेरिस ओलंपिक में स्वर्ण पदक, 2022 राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक और 2022 विश्व चैंपियनशिप में रजत पदक जीता है. इसके अलावा, उन्होंने 2022 में एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भी स्वर्ण पदक जीता है. अपने करियर में कई प्रभावशाली उपलब्धियां दर्ज करने के बावजूद, अरशद नदीम विश्व चैंपियनशिप 2025 में 10वें स्थान पर रहे.
अरशद ने घोषित पुरस्कार न मिलने का लगाया था आरोप
इससे पहले 18 जुलाई को अरशद नदीम ने एक बड़ा खुलासा करते हुए ये आरोप लगाया था कि पिछले साल ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतने के बाद जो वादे किए गए वो अभी तक पूरे नहीं हुए हैं. अरशद नदीम का कहना था कि उस समय जो बतौर पुरस्कार की घोषणा की गई थी खासकर भूमि आवंटन वो कभी पूरे नहीं हुए. बता दें कि नदीम ने नीरज चोपड़ा को पैरिस ओलंपिक में हराया था. उन्होंने फाइनल में 92.97 मीटर का ओलंपिक रिकॉर्ड थ्रो कर गोल्ड मेडल अपने नाम किया था. इसी इवेंट में नीरज चोपड़ा 89.45 मीटर के थ्रो के साथ दूसरे स्थान पर रहे थे और उन्हें सिर्फ सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा था.
इसके साथ ही नदीम ओलंपिक में व्यक्तिगत स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले पाकिस्तानी एथलीट बने. इस ऐतिहासिक उपलब्धि के तुरंत बाद नदीम को कई पुरस्कारों से सम्मानित किया गया और सरकार, प्रांतीय प्रशासन और निजी संस्थाओं द्वारा वित्तीय पुरस्कारों का वादा किया गया. लेकिन अब नदीम के बयान ने साफ कर दिया की उनसे किए गए बाद अब तक पूरे नहीं किए गए हैं. इन वादों में घोषित भूमि आवंटन भी शामिल हैं.


