पश्चिम एशिया में संघर्ष के बीच भारतीय ध्वज वाला क्रूड ऑयल टैंकर, जग लाडकी, गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पर सफलतापूर्वक पहुंच गया है, जो ऊर्जा संकट के बीच राहत की बात है. यह जहाज लगभग 80,886 मीट्रिक टन (MT) कच्चा तेल लेकर पोर्ट पर पहुंचा. यह कार्गो UAE से मंगाया गया था और इसे फुजैराह पोर्ट (Port of Fujairah) पर लोड किया गया था.
इस जहाज की कुल लंबाई 274.19 मीटर और चौड़ाई 50.04 मीटर है. इस टैंकर का डेडवेट टनेज (जहाज की कुल भार वहन क्षमता) लगभग 164,716 टन और ग्रॉस टनेज लगभग 84,735 टन है.
मुंद्रा पोर्ट पर इसका पहुंचना इस बात को दिखाता है कि अडानी पोर्ट्स फैसिलिटी बड़े क्रूड इंपोर्ट को संभालने में कितनी अहम भूमिका निभाती है. ऐसी डिलीवरी बड़ी रिफाइनरी कंपनियों के लिए बहुत जरूरी है, जो लगातार ऑपरेशन बनाए रखने और भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए इन शिपमेंट पर निर्भर करती हैं.
इससे पहले, भारतीय ध्वज वाले दो एलपीजी कैरियर 16 और 17 मार्च को भारत पहुंचने से पहले होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित रूप से पार कर गए थे. एमटी शिवालिक और एमटी नंदा देवी – लगभग 92,712 मीट्रिक टन LPG लेकर – शुक्रवार (13 मार्च, 2026) सुबह होर्मुज जलडमरूमध्य को पार कर गए थे.
अपने व्यावसायिक हितों की रक्षा के लिए, भारत “ऑपरेशन संकल्प” के तहत क्षेत्र के समुद्री पानी में लगातार नौसैनिक मौजूदगी बनाए हुए है. यह पहल जरूरी शिपिंग लेन की सुरक्षा और जग लाडकी जैसे जहाजों की सुरक्षित बर्थिंग सुनिश्चित करने के लिए समर्पित है.
एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि जहाजरानी महानिदेशालय (DG शिपिंग) जहाज मालिकों, रिक्रूटमेंट एंड प्लेसमेंट सर्विस लाइसेंस (RPSL) एजेंसियों और इलाके में भारतीय राजनयिक मिशन के साथ मिलकर हालात पर करीबी नजर रख रहा है.
बयान में कहा गया है कि केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री स्थिति पर पूरी तरह से नजर रख रहे हैं. समुद्री ऑपरेशन को आसान बनाने के लिए, सरकार बंदरगाहों, शिपिंग लाइनों और लॉजिस्टिक्स हितधारकों के साथ मिलकर काम कर रही है ताकि समुद्री व्यापार में किसी भी परिचालन संबंधी रुकावट को कम से कम किया जा सके. बंदरगाहों को सलाह दी गई है कि वे जरूरत पड़ने पर राहत के उपाय बढ़ाएं, जिसमें एंकरेज (जहाजों के ठहरने का स्थान), बर्थ किराए और स्टोरेज चार्ज में छूट शामिल है.


