पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल ने नई रोड मेंटेनेंस पॉलिसी-3 (Bihar Road Maintenance Policy 3) की समीक्षा की। यह नीति सड़कों की रियल टाइम निगरानी के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग (ML) का उपयोग करेगी। अगले सात वर्षों के लिए लागू होने वाली यह पॉलिसी 19,327 किलोमीटर सड़कों और छोटे पुलों का रखरखाव सुनिश्चित करेगी
पटना। पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल ने शनिवार को रोड मेंटेनेंस पालिसी-3 के क्रियान्वयन काे लेकर एक समीक्षा बैठक की।
इस बारे में जानकारी दी गयी कि रियल टाइम मॉनीटरिंग को केंद्र में रख नयी रोड मेंटेनेंस पालिसी में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और मशीन लर्निंग (एमएल) तकनीक को उपयोग में लाया जाएगा। बैठक में सड़कों की गुणवत्ता और सुगम आवागमन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से तैयार की गयी नयी रूपरेखा पर चर्चा की।
प्रेजेंटेशन के माध्यम से सड़क की रियल टाइम निगरानी, एआई एमएल आधारित मॉनीटरिंग, सड़क एंबुलेंस सेवा एवं उच्च स्तर के रखरखाव कार्यों की पूरी प्रक्रिया के बारे में विस्तार से चर्चा की गयी। पॉलिसी अगले सात वर्षों के लिए लागू की जाएगी।
पथ निर्माण विभाग के सचिव ने बताया कि यह नीति राज्य में सड़क रखरखाव के क्षेत्र में एक परिवर्तनकारी मॉडल बन चुकी है, जो सड़क उपयोगकर्ताओं को बेहतर सुविधा और सुरक्षा भी प्रदान करती है।
इसका मुख्य उद्देश्य मॉडल की दक्षता, निगरानी प्रणाली और रखरखाव के आधुनिक तरीकों को और सुदृढ करना है ताकि पारदर्शिता के साथ सड़क की गुणवत्ता लगातार बनी रहे। रोड मेंटेनेंस पालिसी-2 की तुलना में इस बार लक्ष्य को काफी बढ़ाया गया है।
इसके तहत कुल 100 पैकेजों में लगभग 19,327 किलोमीटर लंबी सड़कों के संधारण का प्रविधान किया गया है। इसके साथ ही छह मीटर तक के पुल-पुलियों का पूर्ण संधारण एवं प्रबंधनरोड मेंटेनेंस पॉलिसी-3 द्वारा किया जाएगा। छह मीटर से ऊपर के पुलों के मामले में केवल एप्रोच रोड का संधारण किया जाएगा।
बैठक में पथ निर्माण विभाग के वरीय पदाधिकारियों एवं अभियंताओं सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।


