धनबादः साइबर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. सेक्सटॉर्शन और हनी ट्रैप जैसे हथकंडे अपनाकर लोगो से ठगी और भयादोहन करने वाले गिरोह के 3 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है. बरवाअड्डा थाना क्षेत्र के भीतिया में भाड़े के मकान में रहकर साइबर अपराधी साइबर फॉर्ड घटना को अंजाम दिया करता था. साइबर पुलिस संदिग्ध नंबरों की जांच पड़ताल के बाद यह सफलता हासिल की है.
साइबर पुलिस ने छापेमारी कर तीनों अपराधी सिकंदर यादव, चंदन यादव और विवेक साव को रंगे हाथ दबोच लिया है. पकड़े गए अपराधी हजारीबाग जिले के गोरहर थान क्षेत्र के शीलाडीह गांव के रहने वाले हैं. सिंकदर यादव और चंदन यादव चचेरा भाई है. ये तीनों अपराधी पहले कोलकता ने रह कर इस ठगी और भयादोहन को अंजाम देता था. बाद में धनबाद को अपना ठिकाना बना लोगो को अपना शिकार बनाने लगा. छापेमारी स्थल से 9 मोबाइल, 14 सिमकार्ड, 13 पीस एटीएम और नगद 50 हजार रुपये जब्त किया गया है.
साइबर डीएसपी संजीव कुमार ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि तीनों अपराधी पहले कोलकता में रहकर घटना को अंजाम देता था. ये तीनों अपराधी भाड़ा के मकान में रह कर सेक्सटॉर्शन और हनी ट्रैप के माध्यम से लोगों को अपना शिकार बनाया करता था. एडल्ट ऐप, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म में नंबर देकर ग्राहकों को वेश्या देने का झांसा देता था. नंबर की जांच करने पर महाराष्ट्र के व्यक्ति की ठगी और भयादोहन का मामला सामने आया है. पीड़ित लोग समाज, मान-सम्मान को लेकर शिकायत नहीं दर्ज कराते थे. पूछताछ में गिरफ्तार अपराधियों ने बताया है कि 400 से 500 लोगो को अपना शिकार बना चुके हैं.

बरवाअड्डा थाना क्षेत्र के भीतिया में रहने वाले रंजीत महतो के मकान में भाड़ा में रहकर घटना को अंजाम दे रहे थे. मकान मालिक के कार्यशैली की भी जांच की जा रही है. हालांकि मकान मालिक ने इन लोगों को किराए में रखने से पहले पुलिस जांच नहीं करवाया था. सभी पहलुओं और गिरोह के अन्य सदस्यों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है. उन्होंने मकान किराए पर देने से पहले मकान मालिक से किराएदार को पुलिस सत्यापित कराने की अपील की है ताकि अपराध ना हो, अगर हो भी तो मकान मालिक कानूनी लफड़े में ना फंसे.


