Wednesday, February 18, 2026

धनबाद नगर निगम चुनाव में क्षेत्र में हुए विकास को लेकर बीजेपी और जेएमएम में क्रेडिट लेने की होड़ लगी हुई है.

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धनबाद: नगर निगम चुनाव में विकास कार्यों का मुद्दा अब सियासी बहस का केंद्र बन गया है. जेएमएम समर्थित मेयर प्रत्याशी चंद्रशेखर अग्रवाल अपने पिछले कार्यकाल में कराए गए विकास कार्यों को जनता के बीच गिना रहे हैं. वहीं भाजपा इन दावों को खारिज करते हुए कह रही है कि उस समय डबल इंजन की सरकार थी और विकास भाजपा की देन है. धनबाद नगर निगम चुनाव में इस बार सबसे बड़ा मुद्दा विकास कार्यों का श्रेय लेना बन गया है.

जेएमएम समर्थित प्रत्याशी चंद्रशेखर अग्रवाल पिछली बार मेयर चुने जाने के बाद शहर में कई महत्वपूर्ण योजनाओं को आगे बढ़ाने का दावा कर रहे हैं. 8-लेन सड़क निर्माण, पार्कों का विकास, शहर के सौंदर्यीकरण और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार को उनकी उपलब्धि के रूप में गिनाया जा रहा है. पिछले चुनाव में उन्हें भाजपा का भी समर्थन मिला था, जिसे उनकी जीत का एक बड़ा कारण माना जाता है. लेकिन अब जब वे जेएमएम समर्थित प्रत्याशी के रूप में मैदान में हैं, तो वही विकास कार्य राजनीतिक बहस का विषय बन गए हैं.

तत्कालीन मेयर के नेतृत्व में अच्छा काम हुआ है: मंत्री हफीजुल हसन

जेएमएम की ओर से पार्टी के सचेतक सह टुंडी विधायक मथुरा महतो और मंत्री हफीजुल हसन चुनाव प्रचार में पूरी ताकत से जुटे हैं. मथुरा महतो का कहना है कि चंद्रशेखर अग्रवाल के कार्यकाल में कई महत्वपूर्ण काम हुए, इसलिए जनता उन पर भरोसा कर रही है. वहीं मंत्री हफीजुल हसन ने भी दावा किया कि चंद्रशेखर अग्रवाल के नेतृत्व में अच्छा काम हुआ है और जनता दोबारा उन्हें ही मौका देगी.

मेयर द्वारा कार्य का श्रेय बीजेपी सरकार की देन है: आदित्य साहू

इधर भाजपा ने इन दावों पर कड़ा पलटवार किया है. भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि 2014 से 2019 के दौरान केंद्र में नरेंद्र मोदी और राज्य में रघुवर दास की सरकार थी. उस समय विकास की गति तेज थी और जो भी बड़े कार्य हुए हैं, वे भाजपा सरकार की देन थी. भाजपा विधायक राज सिन्हा ने कहा कि उस वक्त राज्य और केंद्र में भाजपा की सरकार थी, इसलिए विकास कार्यों का श्रेय भाजपा को जाता है.

राज सिन्हा ने चुनौती देते हुए कहा कि यदि पूर्व के विकास कार्यों पर वोट मांगा जा रहा है, तो जनता के बीच साफ कहा जाए कि वह काम भाजपा सरकार ने कराया था, न कि जेएमएम ने. अब विकास के नाम पर शुरू हुई यह सियासी जंग चुनावी परिणाम तक और तेज होने की संभावना है. जनता किसके दावों पर मुहर लगाएगी, यह आने वाला वक्त तय करेगा.

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