धनबादः जिला में नगर निकाय चुनाव को लेकर लोगों में उत्साह है. धनबाद नगर निगम और चिरकुंडा नगर परिषद में मतदान जारी है. मतदाता उत्साह के साथ बूथों पर पहुंच कर अपनी बारी का इंतजार करते नजर आ रहे हैं. मतदान को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं.
अपने बूथ पर जाकर मेयर प्रत्याशी संजीव सिंह ने भी अपने मताधिकार का प्रयोग किया. साथ ही जनता से भारी से भारी संख्या में पहुंचकर मतदान करने की अपील की है. पोलिंग बूथों पर मतदाताओं का कहना है कि “हम विकास के मुद्दे पर वोट कर रहे हैं. सड़क, स्ट्रीट लाइट और ट्रैफिक व्यवस्था ठीक हो, यही हमारी प्राथमिकता है”. बैलेट पेपर से हो रहे चुनाव को लेकर भी मतदाताओं ने संतोष जताया है. उनका कहना है कि इससे प्रक्रिया पारदर्शी महसूस होती है और उन्हें मतदान में ज्यादा भरोसा मिलता है.
ईटीवी भारत की ग्राउंड रिपोर्टः धनबाद में मतदान को लेकर लोगों में उत्साह (ETV Bharat)
धनबाद नगर निगम और चिरकुंडा नगर परिषद को 6 सुपर जोन में बांटा गया है. हर सुपर जोन में एक-एक डीएसपी के नेतृत्व में 25 पुलिस पदाधिकारी राइट कंट्रोल गियर और वाटर कैनन के साथ तैनात हैं. बूथ से लेकर रिसीविंग सेंटर तक सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं.

इसके अलावा पूरे जिले को 15 जोन में विभाजित किया गया है. हर जोन में एक पुलिस इंस्पेक्टर के साथ 10 पुलिस पदाधिकारी मतदान शुरू होने से लेकर चुनाव सामग्री के सुरक्षित रिसीविंग सेंटर पहुंचने तक लगातार भ्रमणशील रहेंगे. अति संवेदनशील बूथों पर चार-चार पुलिस पदाधिकारी, संवेदनशील बूथों पर तीन और सामान्य बूथों पर दो पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी की आशंका को पहले ही रोका जा सके.
मतदाता भी पूरे जोश के साथ मतदान कर रहे हैं. धनबाद नगर निगम के 8,99,841 और चिरकुंडा नगर परिषद के 36,976 मतदाता आज अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं. महापौर पद के लिए 29 प्रत्याशी, 55 वार्ड पार्षद पद के लिए 447 प्रत्याशी मैदान में हैं. वहीं चिरकुंडा नगर परिषद में अध्यक्ष पद के लिए 13 और 21 वार्ड पार्षद पद के लिए 83 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं. कुल मिलाकर 572 प्रत्याशियों की किस्मत आज ईवीएम नहीं बल्कि बैलेट पेपर में बंद हो रही है.

फिलहाल मतदान शांतिपूर्ण तरीके से जारी है. सुरक्षा व्यवस्था कड़ी है और मतदाता विकास की उम्मीद के साथ अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं. अब देखना होगा कि जनता किसे शहर की बागडोर सौंपती है.


