धनबाद: जिले के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल SNMMCH में गरीब मरीजों को बड़ा झटका लगा है. यहां मणिपाल हेल्थ मैप डायग्नोस्टिक के तहत मिलने वाली अल्ट्रासाउंड और सीटी स्कैन की मुफ्त जांच सेवा बंद कर दी गई हैं. इसका सीधा असर बीपीएल मरीजों पर पड़ रहा है, जिन्हें अब जांच के लिए पैसे चुकाने पड़ रहे हैं.
धनबाद SNMMCH में मणिपाल हेल्थ डायग्नोस्टिक के द्वारा बीपीएल मरीजों को अल्ट्रासाउंड और सीटी स्कैन की सुविधा मुफ्त में दी जाती थी, लेकिन अब यह सेवा पूरी तरह बंद कर दी गई है.
बीपीएल कोटे के मरीजों की परेशानी बढ़ी
मुफ्त जांच बंद होने के बाद सबसे ज्यादा परेशानी बीपीएल मरीजों को हो रही है. पहले जहां बिना शुल्क जांच हो जाती थी, अब मरीजों को अल्ट्रासाउंड और सीटी स्कैन के लिए मोटी राशि का भुगतान करना पड़ रहा है.
एक करोड़ 40 लाख का बकाया
इस संबंध में मणिपाल हेल्थ मैप के मैनेजर बैद्यनाथ ठाकुर ने बताया कि करीब एक करोड़ 40 लाख रुपये की राशि सरकार के पास बकाया है. भुगतान नहीं होने के कारण सेवा प्रदाता कंपनी ने मुफ्त जांच सेवा बंद कर दी है.

डॉक्टरों की कमी से स्थिति और गंभीर
धनबाद SNMMCH के अल्ट्रासोनोग्राफी केंद्र के रेडियोलॉजी विभाग में पदस्थापित तीन डॉक्टरों में से दो डॉक्टर मेटरनिटी लीव पर हैं, जिससे अल्ट्रासाउंड जांच के लिए मरीजों को अतिरिक्त कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है.
सिटी स्कैन कराने में हो रही परेशानी
वहीं SNMMCH के वरिष्ठ प्रबंधक डॉ. सुमन कुमार ने कहा कि कंपनी को भुगतान नहीं हो सका है. जिस कारण बीपीएल मरीजों के लिए अल्ट्रासोनोग्राफी और सीटी स्कैन की मुफ्त सेवाएं अभी बंद हैं. अस्पताल की अपनी अल्ट्रासोनोग्राफी मशीन है जिससे मरीजों को सेवा दी जा रही है, लेकिन सिटी स्कैन में कठिनाई हो रही है. सिटी स्कैन के लिए मरीजों को बाहर का रुख करना पड़ रहा है.

एसएनएमएमसीएच में मुफ्त जांच सेवा बंद होने से गरीब मरीजों की परेशानी बढ़ गई है. बीपीएल श्रेणी के मरीज मजबूरी में या तो निजी जांच केंद्रों का रुख कर रहे हैं या फिर उन्हें जांच के लिए पैसे चुकाने पड़ रहे हैं.

कुल मिलाकर, सरकारी भुगतान में देर के कारण SNMMCH में स्वास्थ्य सेवाओं की तस्वीर बिगाड़ दी है. अब देखना होगा कि स्वास्थ्य विभाग और सरकार इस समस्या का समाधान कब तक करती है.


