Thursday, February 12, 2026

देवघर के बाबूडीह मोड़ पर हुई पुलिस और लोगों के बीच हिंसक झड़प मामले को लेकर बाबूलाल मरांडी ने सरकार पर निशाना साधा है.

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देवघर: जिले के बाबूडीह मोड़ पर पुलिस और स्थानीय लोगों के बीच हुई हिंसक झड़प अब तूल पकड़ रही है. गुरुवार को नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी खुद पीड़ित से मिलने गए और सरकार पर कई सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि देवघर के बाबूडीह में हुई घटना ने उन्हें झकझोर दिया है.

उन्होंने कहा कि वीडियो देखते ही उन्होंने स्थानीय नेता विपिन जी से संपर्क किया और उनसे पूरी घटना की जानकारी इकट्ठा करने को कहा. उन्होंने कहा कि जिस तरह से पुलिस आदिवासियों पर लाठीचार्ज कर रही थी, उसे देखने के बाद उन्होंने अपना तय प्रोग्राम बदलकर देवघर जाने का फैसला किया.

पुलिस और लोगों के बीच हुई हिंसक झड़प में घायल लोगों से मिलने के बाद बाबूलाल मरांडी ने कहा कि संथाल में एसपीटी एक्ट लागू होने के बावजूद लोगों की जमीन छीनी जा रही है. उन्होंने कहा कि आदिवासियों के लिए जमीन सबसे जरूरी चीज है क्योंकि वे उसी पर रहते हैं और उसी पर उगाए गए अनाज को खाकर अपना गुजारा करते हैं. अगर सरकार आदिवासियों से जमीन छीन लेगी तो आदिवासी समुदाय कहां जाएगा?

उन्होंने जिला प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर सरकार को इंडस्ट्री के लिए जमीन चाहिए, तो बहुत सारी बंजर जमीन है जिसे सरकार अधिग्रहित कर सकती है. खेती और उपजाऊ जमीन अधिग्रहित करके सरकार आदिवासियों के पेट पर लात मार रही है.

हेमंत सोरेन पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि अगर इसी तरह आदिवासियों को उनकी जमीन से बेदखल किया जाता रहा, तो वह चुप नहीं रहेंगे. अगर सरकार पूरे मामले पर ठोस कार्रवाई नहीं करती है, तो वह इस मामले को आने वाले 18 फरवरी से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र में उठाएंगे.

गौरतलब है कि बुधवार को देवघर के जसीडीह थाना इलाके के बाबूडीह में सरकारी जमीन अधिग्रहण करने के दौरान पुलिस और लोगों के बीच हिंसक झड़प हो गई थी. इसमें कई पुलिसवाले और आम लोग घायल हो गए थे.

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