Tuesday, March 17, 2026

दुनिया के अमीर लोग अब केवल बेहतर निवेश नहीं, बल्कि जीवनशैली,सुरक्षा और बच्चों के भविष्य के लिए अपना देश बदल रहे हैं.

Share

रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया के अमीर लोग अब केवल बेहतर निवेश नहीं, बल्कि जीवनशैली,सुरक्षा और बच्चों के भविष्य के लिए अपना देश बदल रहे हैं.

नई दिल्ली: आज के समय में अमीर लोगों की वेल्थ प्लानिंग केवल शेयर बाजार, रियल एस्टेट या टैक्स बचाने तक सीमित नहीं रह गई है. अब इसमें एक अहम और रणनीतिक सवाल जुड़ गया है—परिवार कानूनी रूप से किस देश में रहेगा. 2026 को लेकर आई वैश्विक रिपोर्ट्स के अनुसार, दुनिया भर में बड़ी संख्या में मिलियनियर और हाई-नेट-वर्थ परिवार एक देश से दूसरे देश में स्थानांतरित हो रहे हैं. यह बदलाव न तो पर्यटन के लिए है और न ही केवल बेहतर जीवनशैली के लिए, बल्कि पूरी तरह सोच-समझकर लिया गया एक दीर्घकालिक फैसला है.

तेजी से क्यों बढ़ रही है Millionaire Migration
अंतरराष्ट्रीय कंसल्टेंसी फर्म Henley and Partners के मुताबिक, अब अमीर परिवारों के लिए यह तय करना उतना ही जरूरी हो गया है कि वे किस देश में रहेंगे और किस देश की नागरिकता या रेजिडेंसी लेंगे, जितना जरूरी निवेश की योजना बनाना. किसी देश में रहने का फैसला टैक्स नियमों, निवेश के अवसरों, बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं और राजनीतिक-आर्थिक स्थिरता से सीधे जुड़ा होता है. इसके अलावा, अस्थिरता या संकट की स्थिति में परिवार की सुरक्षा भी एक बड़ा कारण बन रही है. इसी वजह से अब पासपोर्ट को केवल यात्रा दस्तावेज नहीं, बल्कि भविष्य की सुरक्षा कवच माना जा रहा है.

यूएई बना अमीरों की पहली पसंद
संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) इस समय अमीर लोगों के लिए सबसे पसंदीदा देशों में शामिल है. स्थिर कानून, खुला बिजनेस माहौल और आयकर का न होना इसकी सबसे बड़ी वजह है. यूएई का गोल्डन वीजा निवेशकों, उद्यमियों और खास स्किल वाले पेशेवरों को लंबी अवधि तक रहने की अनुमति देता है. यहां न तो व्यक्तिगत आय पर टैक्स लगता है और न ही प्रॉपर्टी टैक्स. मजबूत इन्फ्रास्ट्रक्चर, बेहतर सुरक्षा व्यवस्था और आसान वीजा नियमों ने यूएई को ग्लोबल वेल्थ हब बना दिया है.

सऊदी अरब का बढ़ता आकर्षण
Vision 2030 के तहत सऊदी अरब भी तेजी से अमीर लोगों के लिए नया ठिकाना बन रहा है. देश तेल पर निर्भरता कम कर पर्यटन, मनोरंजन, टेक्नोलॉजी और हरित ऊर्जा जैसे क्षेत्रों पर फोकस कर रहा है. सऊदी का प्रीमियम रेजिडेंसी प्रोग्राम निवेश करने, बिजनेस शुरू करने, खास हुनर रखने या प्रॉपर्टी खरीदने वालों को दीर्घकालिक रेजिडेंसी देता है. इसमें परिवार को साथ रखने, बैंक खाता खोलने, बच्चों की पढ़ाई और इलाज की सुविधाएं शामिल हैं.

यूरोप का भरोसा अब भी कायम
यूरोप आज भी अमीर परिवारों के लिए स्थिरता और सुरक्षित भविष्य का प्रतीक बना हुआ है. पुर्तगाल और ग्रीस जैसे देशों के गोल्डन वीजा प्रोग्राम कम निवेश में रेजिडेंसी और आगे चलकर नागरिकता का अवसर देते हैं. वहीं इटली और स्विट्जरलैंड जैसे देश प्राइवेसी, मजबूत कानून व्यवस्था और लंबे समय की स्थिरता के लिए जाने जाते हैं.

अमेरिका और एशिया पैसिफिक में अवसर
कड़े इमिग्रेशन नियमों के बावजूद अमेरिका अब भी बड़े अवसरों का केंद्र है. EB-5 वीजा और नए निवेश आधारित विकल्प अमीर परिवारों को आकर्षित कर रहे हैं. एशिया पैसिफिक क्षेत्र में सिंगापुर स्थिर सरकार, मजबूत अर्थव्यवस्था, बेहतर शिक्षा और निवेश-अनुकूल टैक्स सिस्टम के कारण सबसे भरोसेमंद विकल्प माना जा रहा है.

Read more

Local News