Friday, March 27, 2026

दिवाली ने भारत के ऑनलाइन शॉपिंग परिदृश्य में एक बड़ा बदलाव दर्ज किया है. 

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नई दिल्ली: दिवाली ने भारत के ऑनलाइन शॉपिंग परिदृश्य में एक बड़ा बदलाव दर्ज किया है. इस साल ई-कॉमर्स में सबसे अधिक योगदान छोटे और गैर-मेट्रो शहरों से आया, जिसने महानगरों को पीछे छोड़ते हुए कुल ऑर्डर का लगभग 74.7 प्रतिशत हिस्सा अपने नाम किया.

यह खुलासा लॉजिस्टिक्स इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म ‘क्लिकपोस्ट’ की रिपोर्ट में हुआ, जिसमें 4.25 करोड़ से अधिक शिपमेंट डेटा का विश्लेषण किया गया. रिपोर्ट के अनुसार, केवल टियर-3 शहरों से ही 50.7% ऑर्डर दर्ज किए गए, जबकि टियर-2 शहरों से 24.8% ऑर्डर आए. इससे साफ है कि अब भारत का ई-कॉमर्स बाजार छोटे शहरों और कस्बों में तेजी से फैल रहा है.

रिपोर्ट में बताया गया कि दुर्गा पूजा के दौरान फैशन उत्पादों की मांग 14.3% बढ़ी, जबकि करवा चौथ पर कॉस्मेटिक उत्पादों की मांग फैशन से भी दोगुनी रही. इससे छोटे शहरों में उपभोक्ताओं की बदलती प्राथमिकताओं का भी संकेत मिलता है.

ऑर्डर की इतनी बड़ी संख्या के बावजूद, भारत का लॉजिस्टिक्स नेटवर्क औसतन 2.83 दिन में डिलीवरी करने में सक्षम रहा. साथ ही, ‘सेंम-डे डिलीवरी’ की हिस्सेदारी 4.2% से बढ़कर 8.7% हो गई, जो सेवाओं में तेजी का संकेत है.

हालांकि महंगे उत्पादों की खरीद में डिजिटल पेमेंट का इस्तेमाल बढ़ा है, लेकिन टियर-3 शहरों में ‘कैश ऑन डिलीवरी’ अब भी सबसे पसंदीदा विकल्प बना हुआ है. इन क्षेत्रों में 52% ऑर्डर नकद भुगतान के ज़रिए किए गए.

ऑर्डर का औसत मूल्य भी उल्लेखनीय रूप से बढ़ा है—2024 में ₹3,281 की तुलना में 2025 में यह ₹4,346 हो गया, जो 32.5% की सालाना वृद्धि है.

क्लिकपोस्ट के सह-संस्थापक और CEO नमन विजय ने कहा, “हम भारत के रिटेल मार्केट के एक नए युग में प्रवेश कर चुके हैं, जहां टियर-3 शहर अब मेट्रो से अधिक ऑर्डर कर रहे हैं. स्मार्ट कंपनियां पहले से ही अगली दिवाली के लिए तैयारी कर रही हैं, जिसमें तेज़ डिलीवरी, हाइपरलोकल स्टॉक और क्षेत्रीय जरूरतों के हिसाब से प्रोडक्ट लाइन शामिल हैं.”

यह रुझान न केवल भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था की गहराई को दर्शाता है, बल्कि यह भी साबित करता है कि अगली ई-कॉमर्स क्रांति महानगरों में नहीं, छोटे शहरों से शुरू होगी.

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