ममता बनर्जी ने केंद्र को धमकी दी कि अगर दवाओं की कीमतें कम नहीं की गईं तो वे सड़कों पर उतर आएंगी.
कोलकाता: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार द्वारा दवाओं की कीमतें बढ़ाने के फैसले का विरोध किया है. उन्होंने इसे तुरंत वापस लेने की अपील की. बुधवार को लंदन से लौटने के बाद मुख्यमंत्री पहली बार राज्य सचिवालय ‘नबन्ना’ पहुंची. एक प्रेस कांफ्रेंस कर केंद्र के फैसले पर अपनी कड़ी असहमति जताई. बुधवार को घोषणा की कि उनकी पार्टी टीएमसी 4-5 अप्रैल को पूरे पश्चिम बंगाल में प्रदर्शन करेगी.
सड़क पर उतरने की चेतावनीः ममता बनर्जी ने कहा कि अगर उनकी मांग पूरी नहीं होगी तो वे सड़कों पर उतर आएंगी. तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो के अनुसार, पार्टी अपना विरोध जताने के लिए 4-5 अप्रैल को हर ब्लॉक और वार्ड में विरोध प्रदर्शन करेगी. मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण ने 1 अप्रैल 2025 से 748 अनुसूचित दवाओं और 80 गैर-अनुसूचित दवाओं की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है. इसका सीधा असर पूरे देश के गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों पर पड़ा है.
“दवाओं की कीमतों में बढ़ोतरी के फैसले से मैं स्तब्ध हूं. इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता. मैं मूल्य वृद्धि को तत्काल वापस लेने की मांग करती हूं. कैंसर जैसी घातक बीमारियों की दवाओं की कीमत बढ़ा दी गई है. आम आदमी को इलाज कैसे मिलेगा? केंद्र केवल कर बढ़ा रहा है. दवाओं, स्वास्थ्य बीमा और यहां तक कि गृह ऋण पर जीएसटी लगा रहा है. यह अमानवीय है.”- ममता बनर्जी, मुख्यमंत्री
ममता बनर्जी ने तंज कसाः मुख्यमंत्री ने कहा, हमने ‘स्वस्थ साथी’ योजना शुरू की है, ताकि आम आदमी को मुफ्त इलाज मिल सके. लेकिन अब केंद्र सरकार स्वास्थ्य बीमा पर भी जीएसटी लगा रही है. यह अनुचित है. मैंने प्रधानमंत्री को कई बार पत्र लिखा है, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ. प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में उन्होंने केंद्र को स्पष्ट संदेश दिया- “स्वास्थ्य लोगों का अधिकार है. दवाओं की कीमतों में यह असामान्य वृद्धि तुरंत वापस ली जानी चाहिए. अन्यथा, हम विरोध प्रदर्शन जारी रखेंगे.”
राज्यव्यापी आंदोलन का आह्वानः मुख्यमंत्री ने केंद्र के इस कदम के विरोध में राज्यव्यापी आंदोलन का आह्वान किया है. उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस 4 और 5 अप्रैल को शाम 4 से 5 बजे के बीच पश्चिम बंगाल के हर ब्लॉक में जुलूस और विरोध सभाएं आयोजित करेगी. उन्होंने आम लोगों से भी विरोध कार्यक्रम में शामिल होने का आग्रह किया है. ममता ने सवाल उठाया कि, “क्या यह करोड़पतियों के लिए महंगाई है? गरीब लोग कैसे जिएंगे?”