Friday, March 27, 2026

तमिल नाडु में अपहरण के एक मामले में हाईकोर्ट के निर्देश पर एडीजीपी जयराम को गिरफ्तार किया गया.

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चेन्नई: चेन्नई पुलिस ने अपहरण के एक मामले में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजीपी) जयराम को गिरफ्तार किया है. जयराम को हाईकोर्ट के जज के निर्देश पर गरिफ्तार किया गया. मद्रास उच्च न्यायालय ने इसी मामले में के.वी. कुप्पम निर्वाचन क्षेत्र के विधायक पूवई जगनमूर्ति को अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया.

  • क्या है मामलाः
  • तिरुवल्लूर जिले के कलंबक्कम इलाके के एक युवक को कथित तौर पर थेनी की एक महिला से प्यार हो गया. दोनों ने शादी कर ली. इसके बाद, तमिलनाडु पुलिस में एक शिकायत दर्ज कराई गई जिसमें आरोप लगाया गया कि विधायक जगनमूर्ति ने महिला के परिवार के समर्थन में युवक के नाबालिग भाई को किराए के गुंडों द्वारा अगवा कर लिया.
  • इसके बाद जगनमूर्ति और अन्य के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज किया गया. युवती के पिता समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया. जबकि विधायक जगनमूर्ति फरार बताया जा रहे थे. उन्होंने मद्रास उच्च न्यायालय में अग्रिम जमानत याचिका दायर की.
  • क्या हुआ कोर्ट मेंः
  • मद्रास उच्च न्यायालय में मामले की सुनवाई के दौरान वकील ने अदालत को बताया कि गिरफ्तार किए गए पांच लोगों के अलावा, एडीजीपी जयराम भी इस घटना में शामिल हैं. उपलब्ध प्रारंभिक साक्ष्यों के आधार पर उनकी संलिप्तता की जांच की जानी चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस को इस मामले में जयराम को हिरासत में लेना चाहिए.
  • न्यायाधीश पी. वेलमुरुगन ने विधायक जगनमूर्ति की याचिका पर सुनवाई की, तो उन्होंने जगनमूर्ति और जयराम दोनों को सोमवार को दोपहर 2.30 बजे अदालत में पेश होने का आदेश दिया. जयराम ने अदालत के आदेश का पालन किया, जबकि जगनमूर्ति पेश नहीं हुए.
  • कोर्ट ने विधायक को लगायी फटकारः
  • उनके वकील ने कहा कि पुलिस विभाग ने गलत इरादे से जगनमूर्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया है. उन्होंने जगनमूर्ति की ओर से अग्रिम जमानत की अपील की, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया. इसके बाद कोर्ट ने उन्हें शाम 4 बजे पेश होने का आदेश दिया. जगनमूर्ति शाम 4 बजे कोर्ट में पेश हुए, तो जज ने उनसे पूछा कि अगर कुछ गलत नहीं किया है तो जांच का सामना करने से क्यों डरते हैं.
  • कोर्ट ने कहा “लोग अपने नेताओं को विश्वास के साथ चुनते हैं, अगर आप उन लोगों की सेवा नहीं करते हैं तो कोर्ट खुश नहीं होगा. आपको लोगों के लिए एक उदाहरण बनना चाहिए. अगर आप एक लाख लोगों के साथ कोर्ट में पेश होते हैं, तो भी मैं आपको जाने नहीं दूंगा, अगर आपने वाकई कुछ गलत किया है.” हाईकोर्ट ने विधायक को पुलिस जांच में सहयोग करने का निर्देश देते हुए फिलहाल के लिए जाने दिया.
  • एडीजीपी जयराम के सरकारी वाहन का कथित तौर पर अपहरण में इस्तेमाल किया गया था. न्यायाधीश वेलमुरुगन ने मामले की सुनवाई 26 जून तक स्थगित करने से पहले कहा कि पुलिस विभाग के लिए एडीजीपी को गिरफ्तार करने में कोई बाधा नहीं है. इसके बाद, चेन्नई पुलिस ने एडीजीपी जयराम को हिरासत में ले लिया और उन्हें पुझल सेंट्रल जेल भेज दिया.

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