डिब्रूगढ़: असम में साइबर अपराध की एक चौंकाने वाली घटना घटी है. एक युवक ने AI के जरिये अपनी पूर्व प्रेमिका को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उभरती पोर्न स्टार के रूप में स्थापित करने की कोशिश की. असम पुलिस ने बड़ी ही चतुराई से साइबर अपराधी को पकड़ लिया. डिब्रूगढ़ की युवती को अमेरिकी पोर्न स्टार के रूप में चित्रित करने के प्रयास को सुलझा लिया.
डिब्रूगढ़ पुलिस ने शनिवार की रात आरोपी युवक को डिब्रूगढ़ के पड़ोसी शहर तिनसुकिया के शरत चंद्र सिंह रोड से गिरफ्तार किया. रविवार को डिब्रूगढ़ की प्रभारी पुलिस अधीक्षक सिजल अग्रवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरी घटना की जानकारी दी.
- पुलिस अधीक्षक के अनुसार असम की युवती को अमेरिकी पोर्न स्टार होने के झूठे प्रचार के एक महीने बाद, उनके परिवार ने डिब्रूगढ़ पुलिस से संपर्क किया. सदर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई कि कोई व्यक्ति उनके चेहरे से छेड़छाड़ की गई तस्वीरों और वीडियो का इस्तेमाल करके गलत सूचना फैला रहा है.
- प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान, पुलिस अधीक्षक सिज़ल अग्रवाल ने कहा, “हमें शिकायत मिली थी कि पीड़िता की तस्वीरों और वीडियो को तोड़-मरोड़कर सोशल मीडिया पर प्रसारित किया जा रहा है. सभी तस्वीरें एआई द्वारा बनायी गई थीं. उस शिकायत के बाद, हमने मामला दर्ज किया.”
- प्रभारी एसपी ने बताया कि पीड़िता ने अपनी शिकायत में एक इंस्टाग्राम पेज का जिक्र किया था. उस इंस्टाग्राम पेज की जांच के दौरान एक फ़ोन नंबर मिला. उसकी जांच करने पर, गिरफ्तार किए गए युवक की पहचान उजागर हुई. पीड़िता ने आरोपी को पहले से जानने की पुष्टि की. उसके खिलाफ मामला दर्ज किया गया.
- पुलिस अधीक्षक ने बताया कि तिनसुकिया स्थित आरोपी के किराए के घर से पुलिस ने एक लैपटॉप, दो मोबाइल फोन, एक हार्ड डिस्क, एक टैबलेट, एक पेन ड्राइव और कई सिम कार्ड जब्त किए हैं. इस काम के लिए कई सॉफ्टवेयर प्रोग्रामों का इस्तेमाल किया गया था. खासकर एआई-जनरेटेड तस्वीरें और वीडियो बनाने के लिए. इन तस्वीरों और वीडियो को प्रसारित करने के लिए इस्तेमाल किए गए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की फिलहाल जांच की जा रही है.
- पुलिस अधीक्षक ने बताया, कि इस कृत्य का एकमात्र उद्देश्य व्यक्तिगत प्रतिशोध और उसकी प्रतिष्ठा को धूमिल करना था. उनके बीच पहले से कुछ संबंध थे. विभिन्न माध्यमों से तस्वीरें और वीडियो बनाकर और उन्हें प्रसारित करके आरोपी युवक ने लगभग 10 लाख रुपये जमा कर लिए हैं. आरोपी एक मैकेनिकल इंजीनियर है.
“अब हम जानते हैं कि सभी तस्वीरें और वीडियो फर्जी हैं. इसलिए, किसी को भी पीड़िता का होने का दावा करते हुए कोई भी तस्वीर या वीडियो साझा नहीं करना चाहिए. किसी को भी उसकी पहचान उजागर नहीं करनी चाहिए. अगर यह बात हमारे संज्ञान में लाई गई तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी.”- सिजल अग्रवाल, पुलिस अधीक्षक
पीड़िता की काउंसिलिंगः
डिब्रूगढ़ की पुलिस अधीक्षक सिजल अग्रवाल ने बताया कि पीड़िता मानसिक रूप से काफी परेशान थी, इसलिए पुलिस कई दिनों से उसकी काउंसिलिंग कर रही है. वह एक मेधावी छात्रा रही है. डिब्रूगढ़ के एक प्रतिष्ठित परिवार की सुशिक्षित महिला है.


