Monday, April 6, 2026

झारखंड हाईकोर्ट ने 1984 के सिख दंगा पीडितों से जुड़े PIL पर सुनवाई की.

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रांची: 1984 के सिख दंगा पीड़ितों को मुआवजा दिलाने और दंगा से संबंधित क्रिमिनल केस की मॉनटरिंग की मांग को लेकर दायर जनहित याचिका पर शुक्रवार को झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई है. सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और न्यायाधीश राजेश शंकर की खंडपीठ ने मामले की जांच से जुड़ी प्रगति रिपोर्ट मांगी है. झारखंड हाईकोर्ट के अधिवक्ता धीरज कुमार ने यह जानकारी दी है. उन्होंने बताया है कि सुनवाई के दौरान खंडपीठ ने मामले की जांच के लिए बनी वन मैन कमिटी को सभी सुविधाएं जारी रखने का निर्देश दिया है. मामले की अगली सुनवाई मार्च 2026 में होगी.

  • दरअसल, झारखंड में 1984 के सिख दंगा पीड़ितों को मुआवजा दिलाने और दंगे से जुड़े क्रिमिनल केस की मॉनिटरिंग के लिए वन मैन कमेटी का गठन झारखंड हाईकोर्ट के आदेश पर किया गया था, जिसकी अध्यक्षता रिटायर्ड जस्टिस डी पी सिंह कर रहे हैं. कमेटी को राज्य सरकार द्वारा मुआवजा वितरण और बाकी मामलों की मॉनिटरिंग का जिम्मा सौंपा गया है. कमेटी के गठन की वजह यह थी कि पीड़ितों को उनका हक मिले और दंगे से जुड़े केस की प्रगति पर नजर रखी जा सकें.


बता दें कि रांची निवासी सतनाम सिंह गंभीर ने जनहित याचिका दायर की थी. इसके लिए वन मैन कमीशन का गठन किया गया. इसकी अध्यक्षता रिटायर्ड जस्टिस डी पी सिंह कर रहे हैं, जिन्हें सिख दंगा मामलों की जांच रिपोर्ट तैयार करने, पीड़ितों की सूची, संबंधित आपराधिक मामलों की स्थिति और मुआवजा संबंधी सिफारिशों देने की जिम्मेदारी दी गई है.

पिछली सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को स्पष्ट रुप से कहा था कि जस्टिस डी पी सिंह आयोग को बकाया मानदेय शीघ्र अदा किया जाए. पूर्व में हाईकोर्ट राज्य सरकार से पूछ चुकी है कि केंद्र सरकार द्वारा जारी स्कीम के तहत कितने पीड़ितों को मुआवजा दिया गया है. साथ ही लंबित आपराधिक मामलों का स्टे्टस क्या है.

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