Tuesday, April 7, 2026

झारखंड हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता ने पूर्व डीजीपी अनुराग गुप्ता पर कई आरोप लगाए हैं.

Share

रांची: झारखंड के पूर्व डीजीपी अनुराग गुप्ता के खिलाफ ऑनलाइन एफआईआर दर्ज करने के लिए आवेदन दिया गया है. झारखंड हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव कुमार के द्वारा आवेदन दिया गया है.

अपने आवेदन में अधिवक्ता राजीव कुमार ने लिखा है कि मैं राजीव कुमार, पिता- सत्यदेव राय, गौरी शंकर नगर, डोरंडा, रांची का निवासी हूं और झारखंड हाईकोर्ट में अधिवक्ता हूं. मैं न्यायालय के माध्यम से जनहित की लड़ाई लड़ता हूं. मैं झारखंड के जिम्मेदार नागरिक होने के नाते आपका ध्यान विनम्रता पूर्वक एक महत्वपूर्ण विषय की ओर आकृष्ट कराना चाहता हूं.

मीडिया स्रोतों तथा मुझे उपलब्ध जानकारी के अनुसार पूर्व डीजीपी अनुराग गुप्ता ने अपने कार्यकाल के दौरान झारखंड के कुख्यात अपराधी सुजीत सिन्हा आदि से मिलकर कोयलांचल शांति समिति (KSS) नामक संगठन का गठन कर पूरे राज्य भर में कोयला व्यवसायी, ठेकेदारों, ट्रांसपोर्टरों, डॉक्टरों, बिजनेसमैन आदि से करोड़ों की वसूली की है.

पूर्व डीजीपी अनुराग गुप्ता डीजीपी पद पर रहते हुए भी अपरोक्ष रूप से झारखंड के सबसे बड़े आपराधिक संगठन का संचालन कर रहे थे और एक अपराधी के कहने पर जेल में बंद अपराधी अमन साहू की तथाकथित मुठभेड़ करवाया था. ये आरोप नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने लगाया है. नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ये खुलासा किया है कि कोयलांचल शांति समिति को पाकिस्तान से प्राप्त हथियार मुहैया कराया गया है. ये खुलासा ना सिर्फ झारखंड के लिए खतरा का विषय है बल्कि पूरे देश की सुरक्षा के लिए चिंता का विषय है.

पद और पावर के दुरुपयोग का आरोप

राजीव कुमार ने अपने आवेदन में लिखा है कि अनुराग गुप्ता ने अपने पद और पवर का दुरुपयोग कर जहां करोड़ों की उगाही की, वहीं एसीबी और सीआईडी के महानिदेशक के पद पर रहते हुए अपने चहेते डीएसपी और पुलिस पदाधिकारियों मोहम्मद परवेज आलम, मोहम्मद नेहाल, अनिमेष नैथानी की मदद से अपने विरोधियों के खिलाफ फर्जी एफआईआर दर्ज कराई और कुछ सरकारी अफसर, इंजीनियर को भी फर्जी शिकायत पर नोटिस जारी कर उगाही की है, जिसमें सीआईडी और एसीबी के अमर कुमार पांडेय, गणेश प्रसाद इंस्पेक्टर, अनुज महतो सिपाही, चंदन कुमार सिपाही, प्रभात दुबे सिपाही, बीरेंद्र कुमार महतो, सिपाही, दीपक मेहता, सिपाही, महादेव महतो, सिपाही, रंजीत राणा, सिपाही आदि ने साथ दिया.

अतः आपसे निवेदन है कि पूर्व डीजीपी के आपराधिक व भ्रष्ट कृत्य की जांच करते हुए उनपर और उनके सहयोगियों पर सुसंगत धाराओं में एफआईआर करने की कृपा करें. यह झारखंड की हित में और देश के हित में अत्यंत जरूरी है. इसके लिए मैं सदैव आपका आभारी रहूंगा.

Read more

Local News