रांचीः 18 फरवरी से शुरू बजट सत्र की कार्यवाही पहली बार बुधवार को बाधित हुई. ध्यानाकर्षण के ठीक पहले संसदीय कार्यमंत्री के एक कथन को प्रोसिडिंग से हटाने की मांग पर सदन में फिर हंगामा हुआ. इसकी वजह से सभा की कार्यवाही 12.50 बजे तक पहली बार स्थगित करनी पड़ी. मामला देश और सेना के सम्मान से जुड़ा था.
देश और सेना के मान सम्मान को पहुंची ठेसः नवीन जायसवाल
भाजपा विधायक नवीन जायसवाल ने व्यवस्था के तहत आसन से आग्रह किया कि संसदीय कार्यमंत्री ने सदन में एक ऐसा बयान दिया है, जिससे भारत के मान सम्मान को ठेस पहुंचा है. सेना के स्वाभिमान को ठेस पहुंचा है. उन्होंने कहा कि ईरान के युद्धपोत को भारतीय समुद्री क्षेत्र में नहीं बल्कि श्रीलंका के क्षेत्र में अमेरिका ने नुकसान पहुंचाया था. इसलिए संसदीय कार्यमंत्री के कथन को प्रोसिडिंग से हटाना चाहिए. लेकिन बार बार कांग्रेस पार्टी के लोग देश और सेना को नीचे दिखाने का काम कर रहे हैं. उनकी बातें तथ्यहीन हैं
अपनी बात पर अड़े रहे संसदीय कार्य मंत्री
इसपर संसदीय कार्यमंत्री राधाकृष्ण किशोर ने सख्ती के साथ जवाब दिया. उन्होंने कहा कि किस भारत के मान सम्मान की बात कर रहे हैं. आपने तो अमेरिका के सामने भारत का मान सम्मान बेच दिया है. उन्होंने आसन से आग्रह किया कि उनके कथन को किसी भी हाल में प्रोसिडिंग से नहीं हटाना चाहिए. संसदीय कार्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने तो ट्रंप के सामने घुटने टेक दिए हैं और ये लोग भारत के मान सम्मान की बात कर रहे हैं.
इसकी वजह से मामला एक बार फिर गरमा गया. विपक्षी विधायक हंगामा करने लगे. स्पीकर ने सदन को ऑर्डर में लाने की कोशिश की. लेकिन बढ़ते हंगामे को देखते हुए स्पीकर ने सभा की कार्यवाही 12.50 बजे तक स्थगित कर दी. इस वजह से ध्यानाकर्षण की कार्यवाही हंगामे की भेंट चढ़ गई.


