Friday, March 20, 2026

झारखंड में ड्रग्स के अवैध कारोबार में महिला पैडलर्स की संख्या बढ़ी है. पुलिस लगातार इन पर कार्रवाई कर रही है

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रांचीः मादक पदार्थो के कारोबार और उनकी डिलीवरी में महिलाओं की एंट्री पुलिस के लिए नई चुनौती साबित हो रही है. पुलिस रिकार्ड में राजधानी में लगभग 340 ड्रग्स पैडलर्स हैं, जिनमें एक बड़ी संख्या महिलाओं की भी है. अगर आप राजधानी रांची में रहते हैं तो इन महिलाओं के बारे में आपको जानना जरूरी है, क्योंकि यही महिलाएं आपके बच्चों को नशे की लत लगा रही हैं.

राजधानी रांची में एक दर्जन से ज्यादा महिला ड्रग्स पैडलर्स एक्टिव है. सबसे बेहतर बात यह है कि अब अधिकांश महिला ड्रग्स पैडलर्स की तस्वीर और उनका सटीक पता पुलिस के पास उपलब्ध है. यह महिलाएं अपने महिला होने का फायदा उठा कर ड्रग्स पैडलर्स का काम करती हैं. पहले सिर्फ ड्रग्स कुरियर के तौर पर इस्तेमाल होने वाली महिलाएं बेहद संगठित तरीके से ड्रग्स के कारोबार को चला रही हैं. ड्रग्स के धंधे में महिलाओं की पहचान कर पाना पुलिस के लिए बेहद मुश्किल भरा काम होता है. पुलिस की इसी मुश्किल को महिला ड्रग्स पैडलर्स ने अपना हथियार बनाया.

इन्हें पहचान लीजिये

महिला तस्कर किस तरह से नशे का सामान बेच रही हैं और मंगवा रही हैं यह तो हम आपको बताएंगे लेकिन सबसे पहले आप कुछ महिलाओं के बारे में जान ले क्योंकि यह सभी आपके आसपास रहकर ही युवा पीढ़ी को बर्बाद कर रही है जिसमें आपके बच्चे भी हो सकते हैं.

भाभी जी उर्फ रूबी देवी

लाल साड़ी में सीधी शादी दिखने वाली यह महिला मादक पदार्थो की तस्करी की दुनिया का जाना पहचाना नाम है. ड्रग्स तस्करी की दुनिया में इसे भाभी जी के नाम से जाना जाता है, वैसे तो इसका असली नाम रूबी देवी है. भाभी जी उर्फ रूबी देवी बिहार के सासाराम से ड्रग्स लाकर रांची, हजारीबाग, धनबाद, जमशेदपुर और रामगढ़ तक बेचा करती थी. पुलिस के भारी दबाव की वजह से हाल में ही भाभी जी उर्फ रूबी देवी ने आत्मसमर्पण कर दिया है फिलहाल वह जेल में बंद है.

आरती देवी उर्फ गुडली

रांची के हातमा की रहने वाली आरती देवी उर्फ गुडली का रिकार्ड भी पुलिस के पास है. यह भी ड्रग्स की तस्करी में लगातार शामिल रहती है. फिलहाल पुलिस इस पर नजर रखे हुए. आरती जेल की हवा भी खा चुकी है.

राजो देवी उर्फ माना

रांची के अनगड़ा के रहने वाली राजो देवी उर्फ माना भी ड्रग्स की तस्करी में लिप्त पाई गई है. इसका रिकार्ड भी पुलिस के पास है. यह भी ड्रग्स की तस्करी में लगातार शामिल रहती है. फिलहाल पुलिस इस पर नजर रखे हुए है.

सलोनी खलखो

रांची के बरियातू की रहने वाली सलोनी खलखो भी ड्रग्स के कारोबार में लिप्त रही है. इसका कार्यक्षेत्र रांची का चुटिया इलाका है. इस पर भी लगातार पुलिस की नजर है.

सेजल खान

रांची के कोतवाली की रहने वाली सेजल खान भी ड्रग्स के कारोबार में लिप्त रही है. इसका कार्यक्षेत्र रांची का कोतवाली इलाका है. इस पर भी लगातार पुलिस की नजर है.

सुषमा

मध्य प्रदेश पहाड़गंज की रहने वाली सुषमा बेहद शातिर महिला ड्रग्स पैडलर है. सुषमा एमपी से आकर रांची के लोअर बाजार इलाके में ड्रग्स पैडलर का काम करती है. इस पर भी पुलिस की नजर है.

सोनी हेला

रांची के जगन्नाथपुर थाना क्षेत्र की रहने वाली सोनी हेला भी ड्रग्स की तस्करी में शामिल रही है. इसका कार्य क्षेत्र जगन्नाथपुर इलाका ही है. इस पर भी पुलिस की नजर है.

राधिका कुमारी

झारखंड के सरायकेला खरसावां की रहने वाली राधिका कुमारी राजधानी में रहकर ड्रग्स पैडलर्स का काम करती है. राजधानी में राधिका का कार्य क्षेत्र सोनाहातू इलाका है.

प्रियंका

झारखंड के लोहरदगा की रहने वाली प्रियंका भी एक शातिर ड्रग्स पैडलर्स है. वह रांची के बरियातू इलाके में एक्टिव रहती है.

सुनीता देवी

पुलिस के रिकॉर्ड में सुनीता देवी भी एक ड्रग्स पैडलर है, जो कांके इलाके में ड्रग्स पैडलर का काम करती है.

सलोमी टोपनो

झारखंड के खूंटी जिले की रहने वाली सलोनी भी मादक पदार्थ के कारोबार में एक्टिव रही है. रांची के कई क्षेत्रों में यह ड्रग्स के कारोबार को लेकर एक्टिव रही है.

कोमल देवी

कोमल देवी रांची के सुखदेव नगर इलाके के रहने वाली है. यह इलाका मादक पदार्थों को लेकर बेहद बदनाम है. इसी इलाके में कोमल देवी ड्रग्स का कारोबार करती है.

मॉडल ज्योति से शुरुआत

रांची के सुखदेव नगर इलाके की रहने वाली मॉडल ज्योति तो आपको याद ही होगी, वही ज्योति जो मुंबई मॉडलिंग के लिए पहुंची थी, लेकिन वहां से वह ड्रग्स पैडलर बन रांची वापस लौटी. रांची में ड्रग्स बेचते हुए गिरफ्तार हुई. फिर जेल से छूटी फिर गिरफ्तार हुई, लेकिन ज्योति ने ड्रग्स का धंधा नहीं छोड़ा. लेकिन अब राजधानी के हालत यह है कि यहां दर्जनों की संख्या में ज्योति जैसी महिलाएं और लड़कियां खुद ही ड्रग्स का कारोबार करने लगी हैं. ड्रग्स का कारोबार महिलाओं के लिए बेहद आसान है क्योंकि ड्रग्स से जुड़े कानूनी अड़चन की वजह से पुलिस की निगाह महिला तस्करों तक नही पहुच पाती है.

ज्योति से लेकर भाभी गैंग एक्टिव
राजधानी रांची में ड्रग्स के कारोबार में महिलाओं की एंट्री ने पुलिस के सामने परेशानी तो खड़ा कर ही दिया है. राजधानी में ज्योति गैंग, भाभी गैंग, डियर गैंग्स, मुम्बई माल, दिल्ली एक्सप्रेस जैसे गैंग्स ड्रग्स का कारोबार कर रहे हैं, जिसमें अधिकांश महिलाएं हैं.

दो महीने पहले रांची एससपी के द्वारा की गई कार्रवाई में भाभी गैंग की चार महिला तस्करों के साथ कुल 6 ड्रग्स पैडलर्स को गिरफ्तार किया गया था. पूछताछ में भाभी गैंग की महिला तस्करों ने पुलिस के सामने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं.

महिला ड्रग्स पैडलर्स के अनुसार पहले वे ड्रग्स कुरियर के तौर पर काम किया करती थी, लेकिन इसी बीच पुलिस की ताबड़तोड़ छापेमारी की वजह से गिरोह के अधिकांश सदस्य सलाखों के पीछे पहुंच गए, जिसके बाद महिलाओं ने ही गैंग की कमान संभाल ली और खुद से ही दिल्ली और मुम्बई जैसे शहरों से ड्रग्स मंगवा, उसे पुड़िया बना बेचनी लगी है.

सबसे ज्यादा खतरनाक भाभी जी गैंग

झारखंड में महिला ड्रग्स तस्करों में फिलहाल जेल में बंद भाभी जी को इसका माफिया कहा जाता है. पिछले महीने ही भाभी जी उर्फ रूबी देवी ने पुलिस के दबाव में आकर आत्मसमर्पण कर दिया था. जिसके बाद ड्रग्स माफिया रूबी देवी उर्फ भाभी को तीन दिन की रिमांड लेकर रांची पुलिस के द्वारा कड़ी पूछताछ की गई.

रिमांड के दौरान हुई पूछताछ में माफिया भाभी ने पुलिस को कई अहम जानकारी दी है. पूछताछ में पुलिस को पता चला कि ड्रग्स माफिया भाभी रांची, हजारीबाग, धनबाद, जमशेदपुर, रामगढ़ के अलावा बिहार के कई जिलों में ब्राउन शुगर की सप्लाई करती है. बिहार के सासाराम रेलवे स्टेशन के समीप रहने वाली भाभी जी ने पुलिस को बताया कि इस अवैध धंधे में उसका पति, देवर, भाई समेत पूरा परिवार लगा हुआ है. रांची में तकरीबन सभी विक्रेता उससे ही ब्राउन शुगर की खरीदारी करते हैं.

कोतवाली डीएसपी प्रकाश सोय ने बताया कि माफिया भाभी ने कई तस्करों के बारे में जानकारी दी है. जिनका पुलिस सत्यापन कर रही है.

बता दें कि रूबी उर्फ भाभी पर रांची के सुखदेवनगर थाने में आधा दर्जन केस दर्ज हैं. पुलिस की दबिश के बाद आरोपी भाभी ने 29 अप्रैल को रांची सिविल कोर्ट में सरेंडर किया था. जिसकी जानकारी मिलने के बाद सुखदेवनगर पुलिस ने उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ की थी.

झारखंड है मुख्य उत्पादन क्षेत्र और ट्रांसपोर्टेशन वाला क्षेत्र

अफीम से ही ब्राउन शुगर बनाया जाता है. उसी अफीम के लिए झारखंड पूरे देश मे बदनाम रहा है. अफीम से बनने वाले मादक पदार्थ युवा पीढ़ी को बरबाद कर रहे है. यही वजह है कि पुलिस मुख्यालय की तरफ से ड्रग्स कार्टेल को ध्वस्त करने के लिए सालों भर कारवाई की जा रही है.

डीजीपी अनुराग गुप्ता के अनुसार अगर झारखंड में नशे की तस्करी की बात करें तो आप इसे चार भागों में बांट सकते हैं. पहला भाग है कल्टीवेशन यानी अफीम की खेती जो झारखंड के कई जिलों में की जाती है. तैयार अफीम को अलग-अलग राज्यों में तस्करी के माध्यम से भेजा जाता है.

दूसरा भाग है ट्रांसपोर्टेशन, इसके तहत झारखंड के अलग-अलग जिलों से तैयार अफीम को निकाल कर दूसरे राज्यों में विभिन्न तरह के ड्रग्स बनाने के लिए तस्करी किया जाता है. जैसे गांजे की खेती आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और ओडिशा में की जाती है लेकिन उसका ट्रांसपोर्टेशन झारखंड के रास्ते से होता है.

वहीं तीसरा जो सबसे खतरनाक है वह छोटी-छोटी पुड़िया में मौजूद ड्रग्स है, जिसका शहरी क्षेत्र में बहुत ज्यादा प्रभाव है. चौथा है मैन्युफैक्चर ड्रग्स जो मेडिसिन प्रोडक्ट्स बनाया जाता है. डीजीपी के अनुसार हर मादक पदार्थ खतरनाक है. इनमें सबसे खतरनाक है ब्राउन शुगर, जिसकी तस्करी झारखंड के बड़े शहरों में की जाती है. डीजीपी के अनुसार सब पर कारवाई की जा रही है आगे इसका बेहतर परिणाम सामने आएगा.

पिछले 8 महीने के भीतर रांची पुलिस ने ड्रग्स के कारोबार के खिलाफ बेहद कठोर कार्रवाई करते हुए 80 से ज्यादा तस्कर और उनके कुरियर को सलाखों के पीछे पहुंचाया है. लगातार पुरुष तस्करों की गिरफ्तारी भी महिला तस्करों के आगे आने की बड़ी वजह बनी. महिला तस्करों को ड्रग्स के सप्लाई के लिए किसी भी तरह का बैग या झोला नहीं चाहिए. वह अपने शरीर के वस्त्रों का प्रयोग कर ही ड्रग्स को छुपा लेती है. नतीजा पुलिस को उनके ऊपर शक भी नहीं होता और वे आसानी से ड्रग्स की डिलीवरी कर देती है.

डीआईजी सह एसएसपी रांची चंदन कुमार सिन्हा के अनुसार ड्रग्स के कारोबारियों पर हर हाल में नकेल कसना है. अब चाहे इस गिरोह में महिला हो या पुरुष हर को सलाखों के पीछे पहुंचाना पुलिस की जिम्मेवारी है. महिला तस्करों से निपटने के लिए महिला कांस्टेबल की टीम को रेडी किया जा रहा है, जो महिला ड्रग्स पैडलर्स के खिलाफ कारवाई करेंगी. वर्तमान में पुलिस के पास राजधानी में सक्रिय सभी ड्रग्स पैडलर्स की तस्वीर के साथ रिकार्ड मौजूद है, जो ड्रग्स के कारोबार पर नकेल कसने में बेहद मददगार साबित हो रहे हैं.

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