रांचीः नगर निकाय चुनाव में वोटर लिस्ट में गड़बड़ी के शिकार केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री हुए हैं. सोमवार को राज्य के 48 नगर निकाय क्षेत्र में चुनाव होने हैं. ऐसे में एक परिवार के मतदाताओं को अलग-अलग वार्ड के बूथों पर नाम दिए जाने से भारी परेशानी हो रही है.
इस परेशानी का शिकार आम से लेकर खास तक हो रहे हैं. इस क्रम में रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ भी इस परेशानी का शिकार हुए हैं. नगर निकाय चुनाव को लेकर बीएलओ के द्वारा दिए गए वोटर स्लिप में संजय सेठ को वार्ड नंबर 33 का वोटर बनाया गया है, जबकि उनकी पत्नी को वार्ड नंबर 34 का वोटर बनाया गया है. यानी कि पति का अलग मतदान केंद्र और पत्नी को वोटिंग के लिए अलग सेंटर जाना पड़ेगा.
वोटर सिल्प दिखाकर दिया प्रमाण
वोटर स्लिप दिखाते हुए रक्षा राज्य मंत्री ने कहा कि इस तरह की शिकायत हर घर में देखी जा रही है. पिता का नाम कहीं, बेटा का नाम कहीं, पति का नाम कहीं और पत्नी का नाम कहीं वोटर लिस्ट में है. इस वजह से मतदाताओं को परेशानी होगी और इसका असर मतदान पर पड़ेगा. उन्होंने कहा कि इस तरह की शिकायत हजारों लोगों की है. आखिर परिवार वोट देने कहां जाएगा.
राज्य मंत्री संजय सेठ ने कहा कि एक तो मतदान बैलेट पेपर से हो रहा है. जिसके कारण मतदान कम होने की उम्मीद है और उसपर से इस तरह की गड़बड़ी. संजय सेठ ने कहा कि यह सोची-समझी रणनीति के तहत की गई है. इसके बावजूद रांची सहित झारखंड के सभी 48 निकाय क्षेत्र की जनता ने ठान लिया है कि गड़बड़ी नहीं होने देंगे और मतदान में जरूर हिस्सा लेंगे.
बुर्का में महिला पुलिस की तैनाती पर जताई आपत्ति
रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने मीडिया में आई खबर का हवाला देते हुए बताया कि मुस्लिम बहुल क्षेत्र में बुर्का में महिला पुलिस की तैनाती की बात कही जा रही है. उन्होंने सरकार के इस फैसले पर आपत्ति जताते हुए सवालिया लहजे में कहा कि क्या इतनी संख्या में मुस्लिम बेटियां झारखंड पुलिस में हैं. उन्होंने कहा कि यह तो दूध की रखवाली जैसी कहावत वाली बात है. उन्होंने कहा कि यह बेहद ही आपत्तिजनक निर्णय है.
लोगों से बढ़-चढ़कर मतदान करने की अपील
इस दौरान रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने रांची को गढ़ने के लिए, रांची को सुंदर बनाने के लिए लोगों से मतदान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की. उन्होंने दावा करते हुए कहा कि रांची में महापौर पद की प्रत्याशी रौशनी खलखो रिकॉर्ड मतों से चुनाव जीतने में सफल होंगी. इसके अलावा सभी नगर निकाय क्षेत्रों में भाजपा समर्थित प्रत्याशियों की भी जीत का दावा किया.
उन्होंने कहा कि आमतौर पर लोकसभा चुनाव केंद्र में मजबूत सरकार बनाने के लिए, विधानसभा का चुनाव राज्य की सरकार बनाने के लिए होता है, लेकिन नगर निकाय चुनाव में स्थानीय जनता की नली-गली, सड़क, बिजली, पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं को लेकर लोग अपना जनप्रतिनिधि चुनते हैं.


