Sunday, February 8, 2026

झारखंड नगर निकाय चुनाव में एक बार फिर आम पार्टी का कार्यकर्ता हाशिए पर है, नेताओं ने अपने सगे संबंधियों तो मैदान में उतारा है.

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रांची: लोकसभा और विधानसभा चुनावों की तरह इस बार राज्य के नगर निकाय चुनावों में भी बड़े राजनेताओं की सक्रिय भागीदारी देखने को मिल रही है. भले ही ये चुनाव गैर-दलीय आधार पर हो रहे हैं, लेकिन राजनीतिक दलों ने अप्रत्यक्ष रूप से पूरी ताकत झोंक दी है. इसी वजह से यह चुनाव अब साधारण नहीं रह गया है. बड़े नेताओं ने अपनी पत्नी, भाई, बेटा या बेटी को चुनावी मैदान में उतारने में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया है. इससे पार्टी के प्रति समर्पित साधारण कार्यकर्ता खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है.

भाजपा प्रवक्ता का बयान

बीजेपी प्रवक्ता अविनेश कुमार सिंह ने कहा, “भाजपा कार्यकर्ता आधारित पार्टी है. जिन्हें पार्टी ने समर्थन दिया है, वे सामान्य कार्यकर्ता के रूप में रहे हैं. स्वाभाविक रूप से जब बड़े नेताओं का हस्तक्षेप नगर निकाय चुनाव में भी होगा, तो कार्यकर्ता नाराज तो होंगे ही.”

कांग्रेस का पक्ष

प्रदेश कांग्रेस महासचिव राकेश सिन्हा ने इसे संवैधानिक अधिकार बताते हुए समर्थन किया. उन्होंने कहा, “राजनेता के भाई-बहन या पत्नी चुनाव लड़ते हैं तो इसमें कोई बुराई नहीं है. हमारे यहां कार्यकर्ता भी चुनाव लड़ रहे हैं और नेताओं के संबंधी भी. इसमें गलत कुछ नहीं है.”

कई सीटों पर नेता-परिवार के सदस्य मैदान में

राज्य के 48 नगर निकायों में अधिकांश दलों के बड़े नेताओं के रिश्तेदार चुनाव लड़ रहे हैं. कुछ प्रमुख उदाहरण इस प्रकार हैं:

  • धनबाद: यह सीट सबसे गर्म मानी जा रही है. भाजपा विधायक रागिनी सिंह अपने पति संजीव सिंह को रोक नहीं पाईं. संजीव सिंह पार्टी समर्थित मेयर उम्मीदवार के खिलाफ खड़े हैं. इसके अलावा भाजयुमो के पूर्व जिलाध्यक्ष मुकेश पांडे, भाजपा नेता भृगुनाथ भगत आदि भी मैदान में हैं.
  • चास: पूर्व मंत्री स्व. समरेश सिंह की बड़ी बहू परिंदा सिंह चुनाव लड़ रही हैं. यहां परिंदा सिंह के अलावा भाजपा नेता रितू रानी सिंह, अरविंद राय, कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष उमेश गुप्ता और मो. सुल्तान भी ताल ठोक रहे हैं.
  • मानगो: पूर्व महानगर भाजपा अध्यक्ष राजकुमार श्रीवास्तव की पत्नी कुमकुम श्रीवास्तव मैदान में हैं. वहीं पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता की पत्नी सुधा गुप्ता कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी के रूप में उतरी हैं.
  • चक्रधरपुर: नगर परिषद अध्यक्ष पद के लिए पूर्व मंत्री जोबा मांझी के पुत्र उदय मांझी किस्मत आजमा रहे हैं. विधायक दशरथ गगराई के भाई विजय गगराई भी चुनाव लड़ रहे हैं.
  • जामताड़ा: पूर्व विधायक स्व. विष्णु भैया की पत्नी चमेली देवी नगर पंचायत अध्यक्ष पद पर खड़ी हैं.
  • मेदिनीनगर: पूर्व मंत्री के मंत्री पार्टी की बेटी नम्रता त्रिपाठी मेयर पद के लिए चुनाव लड़ रही हैं. इन्हें कांग्रेस का समर्थन प्राप्त है.
  • रांची नगर निगम: महापौर पद के लिए कांग्रेस समर्थित रमा खलखो मैदान में हैं, जो प्रदेश महिला कांग्रेस की अध्यक्ष भी हैं. वहीं वार्ड पार्षद चुनाव में राज्यसभा सांसद महुआ मांझी के पुत्र सोमवित मांझी चुनाव लड़ रहे हैं.

यह स्पष्ट है कि नगर निकाय चुनाव अब सिर्फ स्थानीय मुद्दों तक सीमित नहीं रह गए हैं, बल्कि इनमें प्रदेश स्तर के बड़े नेताओं का परिवारवाद भी साफ नजर आ रहा है.

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