Friday, April 3, 2026

झारखंड को चालू वित्तीय वर्ष (2025-26) में GST से मिलने वाले राजस्व में 1500 करोड़ रुपये का नुकसान होने का अनुमान है.

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 झारखंड को चालू वित्तीय वर्ष (2025-26) में GST से मिलने वाले राजस्व में 1500 करोड़ रुपये का नुकसान होने का अनुमान है. सरकार ने GST सुधार 2.0 लागू होने के बाद नवंबर 24 के मुकाबले नवंबर 25 में GST के रूप में मिले राजस्व के आधार पर यह अनुमान किया है. सरकार ने नवंबर 24 के मुकाबले नवंबर 2025 में GST के रूप में 9% राशि कम मिली है.

राज्य सरकार को नवंबर 2024 में GST के रूप में 2327 करोड़ रुपये मिले थे. लेकिन नवंबर 2025 में 2109 करोड़ रुपये ही मिले हैं. यानी झारखंड मे GST का ग्रोथ रेट निगेटिव हो गया है जो -9% है. केंद्र सरकार द्वारा जनता को राहत देने के उद्देश्य से GST दरों में किये गये बदलाव की वजह से इस मद से मिलने वाले राजस्व में गिरावट दर्ज की गयी है. नवंबर में मिले राजस्व के हिसाब से मार्च 2026 तक सरकार को GST में 1500 करोड़ के नुकसान का अनुमान किया जा रहा है. अगले वित्तीय वर्ष इसके दो गुना से ज्यादा होने का अनुमान है.

नवंबर में GST मद में अखिल भारतीय स्तर पर औसतन दो प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गयी है. केंद्र सरकार के आंकड़ों के अनुसार देश के 36 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में से 12 राज्य या केंद्र प्रशासित राज्य ऐसे हैं जिनके GST में वृद्धि दर्ज की गयी है. जिन राज्यों के GST मे थोड़ी वृद्धि दर्ज की गयी है उसमे चंडीगढ़, अरुणाचल, नागालैंड, असम सहित कुछ अन्य राज्य का नाम शामिल है. दिल्ली के GST में किसी भी तरह की वृद्धि नहीं दर्ज की गयी है. देश के व्यापारिक केंद्र के रूप में चिह्नित महाराष्ट्र में GST में सिर्फ 4% की वृद्धि दर्ज की गयी है. बाकी के सभी राज्यों के GST में गिरावट दर्ज की गयी है.

नवंबर 24 व नवंबर 25 में GST कलेक्शन (करोड़ में)

राज्य नवंबर 2024 नवंबर 2025 ग्रोथ रेट
झारखंड 2327  2109  (-9%)
बिहार 1392 1409 (+1%)
बंगाल  4845 4618  (-5%)
जम्मू कशमीर  580 492  (-15%)
हिमाचल  874 616 (-30%)
चंडीगढ़ 247  283 (+15%)
हरियाणा 9100 8814 (- 3%)
ओड़िशा  3793 3825(+1%)

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