झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की तकनीकी स्नातक स्तरीय परीक्षा 15 फरवरी से रांची में शुरू होगी। प्रवेश पत्र दो दिन पहले डाउनलोड किए जा सकेंगे। वहीं, झारखंड हाई कोर्ट ने विशेष शिक्षा सहायक आचार्य नियुक्ति में आरक्षण और जेटेट अनिवार्यता को लेकर राज्य सरकार व जेएसएससी से जवाब मांगा है। कोर्ट ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश से यह मामला प्रभावित होगा
रांची। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की झारखंड तकनीकी/विशिष्ट योग्यताधारी स्नातक स्तरीय संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा-2023 (नियमित एवं बैकलाग) के प्रथम एवं द्वितीय पत्र की परीक्षा 15 से 21 फरवरी तक आयोजित होगी। वहीं, तृतीय पत्र की परीक्षा का आयोजन 24 फरवरी से दो मार्च तक होगा।
वहीं बुधवार को ही झारखंड हाई कोर्ट में विशेष शिक्षा सहायक आचार्य संवर्ग नियुक्ति में आरक्षण को लेकर दाखिल याचिका पर बुधवार को सुनवाई भी हुई। इसमें कोर्ट ने राज्य सरकार और जेएससीसी से जवाब मांगा है।
अभ्यर्थियों को परीक्षाओं की तिथि की सूचना ईमेल से
आयोग के अनुसार, अभ्यर्थियों को उनके द्वारा दी जाने वाली सभी परीक्षाओं की तिथि की सूचना आठ फरवरी से ईमेल और एसएमएस के माध्यम से भी दी जाएगी।
सभी पत्रों की परीक्षा का आयोजन रांची स्थित विभिन्न सीबीटी आधारित परीक्षा केंद्रों पर किया जाएगा। आयोग ने यह भी कहा है कि एक से अधिक पदों के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों के तृतीय पत्र की परीक्षा पद पाठ्यक्रम के अनुसार अलग-अलग पाली में आयोजित की जाएगी।
अभ्यर्थी अपना प्रवेश-पत्र परीक्षा के दो दिन पूर्व आयोग की वेबसाइट से डाउनलोड कर सकेंगे। अभ्यर्थियों को परीक्षा में प्रवेश-पत्र की एक अतिरिक्त प्रति एवं दो फोटो अपने साथ लाना अनिवार्य होगा।
आयोग ने अभ्यर्थियों को सुझाव दिया है कि परीक्षा से संबंधित शुचिता को बरकरार रखेंगे तथा किसी प्रकार के कदाचार संबंधी प्रयास में शामिल नहीं होंगे। कदाचार के दोषी पाये जाने पर झारखंड प्रतियोगी परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम व निवारण के उपाय) अधिनियम, 2023 की धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी।
विशेष शिक्षा सहायक आचार्य नियुक्ति मामले में हाई कोर्ट ने मांगा जवाब
झारखंड हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की अदालत में विशेष शिक्षा सहायक आचार्य संवर्ग नियुक्ति में आरक्षण को लेकर दाखिल याचिका पर बुधवार को सुनवाई हुई।
सुनवाई के बाद अदालत ने मामले में राज्य सरकार और जेएसएससी से जवाब मांगा है। कोर्ट ने कहा कि इस मामले में कोर्ट केअंतिम आदेश से नियुक्ति प्रक्रिया प्रभावित होगी। मामले में अगली सुनवाई छह सप्ताह बाद होगी। इसको लेकर जाहिद इकबाल एवं अन्य की ओर से हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की गई है।
इससे पूर्व प्रार्थियों की ओर से कोर्ट को बताया गया की उक्त विशेष शिक्षकों के लिए केंद्र की नियमावली में आरक्षित कोटा के अभ्यर्थियों को शैक्षणिक योग्यता (मार्क्स) में पांच प्रतिशत छूट दिए जाने का प्रविधान है। सरकार की ओर से जारी विज्ञापन में उक्त शर्त को नहीं खा गया है।
ऐसे में आरक्षित श्रेणी के अभ्यर्थी आवेदन नहीं कर पा रहे हैं। इस नियुक्ति के लिए पांच फरवरी अंतिम तिथि है। जेएसएससी की ओर से अधिवक्ता संजय पिपरवाल एवं प्रिंस कुमार सिंह ने कोर्ट को बताया कि नियुक्ति नियमावली बनाने का अधिकार राज्य सरकार को है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश होगा प्रभावित हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की अदालत में विशेष शिक्षा सहायक आचार्य संवर्ग नियुक्ति मामले में जेटेट की परीक्षा शर्त अनिवार्य किए जाने के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई हुई।
सुनवाई के बाद अदालत ने जब इस तरह से समान मामले में सुप्रीम कोर्ट सुनवाई कर रहा है, तो इस मामले में पारित आदेश सब पर लागू होगा। इसको लेकर विनोद कुमार, सुखदेव लोहारा व अन्य की ओर से हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की है। सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि वर्ष 2016 के बाद से राज्य में जेटेट की परीक्षा नहीं ली गई है।
ऐसे में बड़ी संख्या में अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होने से वंचित हो जाएंगे। इसलिए उक्त शर्त को वापस लिया जाए। जेएसएससी की ओर से कहा गया कि इस तरह से समान मामले में सुप्रीम कोर्ट सुनवाई कर रहा है और जल्द से जल्द विशेष शिक्षा सहायक आचार्य की नियुक्ति करने का आदेश दिया है। नियुक्ति प्रक्रिया की जा रही है।


