रांचीः झारखंड के पॉलिटेक्निक संस्थानों में नीड बेस्ड लेक्चरर्स के साथ ही विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में भी आवश्यकता आधारित असिस्टेंट प्रोफेसर्स की नियुक्ति के दौरान एकल अवसर के रुप में एक्सट्रा वेटेज देने का प्रावधान किया गया है. इसके लिए एक वर्ष के शिक्षण के लिए 01 अंक और अधिकतम 05 अंक का लाभ दिए जाने का प्रावधान किया गया है. उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के मुताबिक सहायक प्राध्यापक की नियुक्ति के लिए झारखंड लोक सेवा आयोग को अधियाचना भेज दी गई है. यह जानकारी उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग की ओर से दी गई है.
दरअसल, कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने इस मसले पर 28 अगस्त 2025 को मानसून सत्र में ध्यानाकर्षण की सूचना दी थी. उन्होंने मांग की थी कि वर्षों से विभाग में AICTE और UGC के मापदंडों को पूरा करते हुए कार्यरत शिक्षक अपने समायोजन की मांग करते आ रहे हैं.
लिहाजा, नियुक्ति प्रक्रिया में उम्र सीमा में छूट और कार्य के प्रतिवर्ष 5 अंक अतिरिक्त अधिमानता यानी वेटेज दिया जाना चाहिए ताकि इनका समायोजन हो सके. उन्होंने कहा था कि सरकार ने नियुक्ति के लिए जो अधियाचना जेपीएससी को भेजी है उसमें इस छूट का कोई जिक्र नहीं है.
तब विभागीय मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा था नीतियों के निर्धारण पर व्यक्तिगत सोच प्रभावी नहीं हो सकती. उन्होंने कहा था कि अधियाचना जरूर भेजी जा चुकी है लेकिन, विज्ञापन से पूर्व सरकार किसी भी नियम को या नीति को परिवर्तित करने की क्षमता रखती है.
उसी समय उन्होंने भरोसा दिलाया था कि उनके प्रति वर्ष सेवा के अनुभव की अवधि को वेटेज में परिवर्तित करने की कोशिश की जाएगी. साथ ही कहा था कि उम्र सीमा की वजह से उनके प्रतियोगी परीक्षाओं में भाग लेने के मसले बाधित होते हैं तो उम्र सीमा में छांद करने का भी कुछ न कुछ उपाय किए जाएगा.


