Sunday, April 5, 2026

ज्यादा मात्रा में पिस्ता खाने से कई स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं, इसलिए, खबर में जानें कि प्रतिदिन कितनी मात्रा में सेवन करना चाहिए…

Share

पिस्ता स्वादिष्ट होने के साथ-साथ सेहत का खजाना है. प्रोटीन, फाइबर और हेल्दी फैट से भरपूर यह ड्राई फ्रूट हर उम्र के लोगों के लिए बेहद फायदेमंद है. इसमें कई तरह के विटामिन और मिनरल (जैसे विटामिन B6 और पोटैशियम) भी भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं. हाल ही में हुई एक स्टडी में यह देखा गया कि जब आप कम पौष्टिक स्नैक्स की जगह पिस्ता खाते हैं, तो आपके शरीर में कई तरह के बदलाव होते हैं. ऐसे में, इस खबर में आप विस्तार से जानिए कि जब आप रोजाना पिस्ता खाते हैं, तो आपके शरीर में असल में कौन-कौन से बदलाव होते हैं…

रिसर्चर, डॉक्टर और डायटीशियन पिस्ता (Pistachio) को पोषण का पावरहाउस मानते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद है. इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स, विटामिन, मिनरल्स और फाइबर इसे अन्य ड्राई फ्रूट्स की तुलना में बेहतर बनाते हैं. यह दिल, दिमाग और वजन घटाने के लिए बेहद फायदेमंद है. इसके अलावा, यह आपकी आंखों की रोशनी और पाचन को बेहतर बनाने, डायबिटीज को कंट्रोल करने, और आपकी त्वचा और रोग-प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में भी लाभकारी है.

जब आप रेगुलर पिस्ता खाते हैं तो आपके शरीर में क्या होता है?
डाइटीशियन के अनुसार, रोजाना पिस्ता खाने से शरीर को भरपूर मात्रा में न्यूट्रिएंट्स मिलते हैं और यह पूरे शरीर के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद करता है. पिस्ता में कई तरह के पोषक तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, मुख्य रूप से आर्जिनिन और अन्य अमीनो एसिड, डाइटरी फाइबर, जरूरी सूक्ष्म पोषक तत्व (तांबा, विटामिन B6, मैंगनीज, थायमिन, फॉस्फोरस, मैग्नीशियम, पोटैशियम, आयरन और जिंक), प्लांट स्टेरोल्स (स्टिग्मास्टेरोल और कैंपेस्टेरोल), फीनोलिक कंपाउंड (रेस्वेराट्रोल और कैटेचिन), और मोनोअनसैचुरेटेड फैटी एसिड (ज्यादातर ओलिक एसिड). ये न्यूट्रिएंट्स दिल की बीमारी, डायबिटीज, अधिक वजन या मोटापा, पेट से जुड़ी समस्याओं और कुछ खास तरह के कैंसर के खतरे को कम करने में कई तरह से मदद करते हैं.

पिस्ता में प्रोटीन भरपूर मात्रा में होता है, एक औंस (लगभग एक मुट्ठी) पिस्ता में छह ग्राम प्रोटीन होता है, जो इसे बहुत ज्यादा प्रोसेस्ड या ज्यादा कार्बोहाइड्रेट वाले विकल्पों की तुलना में एक समझदारी भरा स्नैक विकल्प बनाता है. हालांकि पिस्ता में कैलोरी ज्यादा होती है, इसलिए जब इसे सही मात्रा में खाया जाता है, तो यह वजन को स्वस्थ तरीके से मैनेज करने में मदद कर सकता है.

नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन में (2025) प्रकाशित एक अध्ययन में बताया गया कि स्नैक्स में बदलाव करने से चयापचय स्वास्थ्य में महत्वपूर्ण सुधार हो सकता है. अध्ययन के अनुसार, क्रैकर्स, चिप्स या प्रोसेस्ड फूड को पिस्ता जैसे ट्री नट्स (Tree Nuts) से बदलने से, चयापचय सिंड्रोम (Metabolic Syndrome) से जुड़ी स्थितियों, जैसे कि हाई ब्लड प्रेशर, पेट की चर्बी और हाई ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में मदद मिल सकती है.

पिस्ता में किसी भी अन्य आम ट्री नट (जैसे बादाम, अखरोट या काजू) की तुलना में सबसे अधिक मात्रा में विटामिन B6 पाया जाता है. विटामिन B6 में एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं, जो इम्यूनिटी, दिमाग के काम करने के तरीके, सोचने-समझने की क्षमताओं और मूड के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं. B6 मैक्रोन्यूट्रिएंट्स के मेटाबॉलिज्म में मदद करता है और हीमोग्लोबिन, DNA और न्यूरोट्रांसमीटर के बनने में अहम भूमिका निभाता है. मतलब, विटामिन B6 आपके शरीर को उन केमिकल्स को बनाने में मदद करता है जिनकी आपके दिमाग को तेज, संतुलित और एकाग्र रहने के लिए जरूरत होती है.

ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल कम करने में सहायक
पिस्ता सिर्फ आपके दिमाग और मूड को ही सहारा नहीं देता, बल्कि यह आपके दिल, ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल के स्तर के लिए भी बहुत अच्छा होता है. रिसर्च से यह भी पता चलता है कि पिस्ता ब्लड प्रेशर को बेहतर बनाने और कोलेस्ट्रॉल के लेवल को कम करने में मदद कर सकता है, खासकर तब जब इसे आप रोजाना अपने डाइट का हिस्सा बनाते हैं. 2016 की एक समीक्षा और अन्य अध्ययनों ने पुष्टि की है कि अपने आहार में पिस्ता को शामिल करने से हार्ट हेल्थ को बढ़ावा मिल सकता है.

ब्लड वेसल्स को हेल्दी रखने में मददगार
पिस्ता आपके ब्लड वेसल्स को हेल्दी रखने में मदद कर सकता है, पिस्ता में पाया जाने वाला विटामिन B6 (आर्जिनिन के साथ) होमोसिस्टीन के स्तर, हीमोग्लोबिन के प्रोडक्शन, आर्टेरियल ब्लड फ्लो, वैस्कुलर सूजन और एंडोथेलियल फंक्शन पर अपना प्रभाव डालकर ब्लड वेसल्स के स्वास्थ्य पर लाभकारी असर डालता है. सामूहिक रूप से, ये सभी फैक्टर्स एथेरोस्क्लेरोसिस (धमनियों में प्लाक जमने) के रिस्क को कम करने में मदद करते हैं.

गहरी और अच्छी नींद में मददगार
पिस्ता अपने ज्यादा मेलाटोनिन कंटेंट की वजह से आपकी ‘ब्यूटी स्लीप’ (गहरी और अच्छी नींद) को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है. विशेषज्ञों का कहना है कि मेलाटोनिन एक पीनियल हार्मोन है जो ट्रिप्टोफैन-सेरोटोनिन पाथवे में बनता है, यह शरीर की नींद के पैटर्न की सर्कैडियन रिदम को कंट्रोल करता है, साथ ही इम्यूनिटी, प्रजनन सेहत और गट मोटिलिटी (आंतों की गतिशीलता) को भी बेहतर बनाता है. खास बात यह है कि पिस्ता में पाया जाने वाला विटामिन B6, ट्रिप्टोफैन को मेलाटोनिन में बदलने के लिए एक को-फैक्टर (सहायक तत्व) का काम करता है.

आपकी आंखों की सेहत बेहतर हो सकती है- कई शोधों और अध्ययनों से यह बात सामने आई है कि पिस्ता (Pistachio) आंखों की सेहत के लिए बेहद फायदेमंद है

पिस्ता हर किसी के लिए नहीं है
पिस्ता निश्चित रूप से पोषक तत्वों, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर एक बेहतरीन मेवा है. लेकिन, यह हर किसी के लिए फायदेमंद नहीं है और कुछ विशिष्ट स्वास्थ्य स्थितियों वाले लोगों को इसके सेवन से बचना चाहिए या सावधानी बरतनी चाहिए. इसमें वे सभी लोग शामिल हैं जिन्हें…

  • एलर्जी की समस्या
  • किडनी स्टोन के मरीज
  • वजन बढ़ने का जोखिम
  • पाचन संबंधी समस्या IBS (इरिटेबल बाउल सिंड्रोम)

ब्लड प्रेशर और गर्म तासीर: पिस्ता की तासीर गर्म मानी जाती है, इसलिए गर्मियों में या बहुत अधिक मात्रा में सेवन करने से स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है. अगर आपको इनमें से कोई भी समस्या है, या आपको लगता है कि आपको ऐसी कोई समस्या हो सकती है, तो पिस्ता खाने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लें.

आप हर दिन कितने पिस्ता खा सकते हैं?
एक्सपर्ट के के अनुसार, मौजूदा डाइटरी गाइडलाइंस के मुताबिक, वयस्कों को हर हफ्ते लगभग पांच औंस नट्स खाने चाहिए या 2,000 कैलोरी वाली रोजाना की डाइट के लिए इसके बराबर 1 औंस (49 पिस्ता के दाने) रोजाना खाने चाहिए, कम या ज्यादा कैलोरी वाली डाइट के लिए यह मात्रा बदली जा सकती है.

Read more

Local News