जुरहरा थाना पुलिस व स्पेशल टीम ने संयुक्त कार्रवाई कर जंगल में ठगी कर रहे 8 आरोपियों को पकड़ा, फर्जी सिम और मोबाइल बरामद.
डीग: जिले में बढ़ रही साइबर ठगी की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाते हुए थाना जुरहरा पुलिस ने रेंज व जिला स्पेशल टीम के सहयोग से बीती रात एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया. ग्राम सौनोंखर के जंगल में खेतों के बीच बैठकर साइबर ठगी में लिप्त 8 शातिर आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया. मौके से पुलिस ने 8 एंड्रॉइड मोबाइल फोन और 17 फर्जी सिम कार्ड जब्त किए हैं.
- जंगल में बनायी थी साइबर ठगी की अस्थायी चौकी: पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार मीना ने बताया कि आरोपियों ने जंगल में अस्थायी रूप से बैठकर मोबाइल नेटवर्क की मदद से सोशल मीडिया के जरिए फर्जी जॉब ऑफर, रिश्तेदार बनकर मैसेज भेजना और बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर कराने जैसे हथकंडों का इस्तेमाल कर आमजन को ठगना शुरू कर रखा था. वे खुद को परिचित या रिश्तेदार बताकर लोगों को फर्जी संदेश भेजते, फिर उनके खाते में पैसे भिजवाकर बहाने से वह राशि अपने खाते में ट्रांसफर करा लेते थे. इसके अलावा ये आरोपी फर्जी सिम कार्ड की कालाबाजारी में भी शामिल थे, जिन्हें ऊंचे दामों में अन्य साइबर ठगों को बेचते थे.
- गिरफ्तार आरोपी और उनकी पहचान: गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान अवधेश (24) निवासी सबलगढ़, मुनसाद (21) निवासी कोतका, तौहिद (23) व जिलसाद (22) निवासी ऊंचेडा, सकील (28), जमशेद (28) व मुकेश जाटव (30) निवासी थलचाना और इकलास मेव (23) निवासी ग्राम पाई के रूप में हुई है. सभी आरोपी थाना जुरहरा, जिला डीग क्षेत्र के निवासी हैं. पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर पूछताछ शुरू कर दी है. संभावना जताई जा रही है कि यह एक संगठित साइबर गिरोह का हिस्सा हो सकते हैं, जिनके तार राज्य के बाहर तक फैले हो सकते हैं. पुलिस इस गिरोह की कार्यशैली, नेटवर्क और आर्थिक लेनदेन की कड़ियों को खंगाल रही है.
- पुलिस अधिकारियों ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान कॉल, संदिग्ध मैसेज या सोशल मीडिया के माध्यम से आए ऑफर के प्रति सतर्क रहें. कभी भी निजी जानकारी, बैंक डिटेल या ओटीपी साझा न करें. ऐसे मामलों में तत्काल नजदीकी थाने या साइबर सेल को सूचित करें. जागरूकता ही साइबर अपराध का सबसे मजबूत बचाव है.