जीविका द्वारा सीतामढ़ी के सुप्पी प्रखंड में आयोजित रोजगार मेले में 663 युवाओं को सीधा प्लेसमेंट मिला। दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना के तहत 16 कंपनियों ने भाग लिया। मेले में 330 युवाओं को कौशल प्रशिक्षण और 257 को स्वरोजगार प्रशिक्षण के लिए चुना गया। कुल 1867 युवाओं ने पंजीकरण कराया, जिससे ग्रामीण युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर मिले।
सीतामढ़ी। ग्रामीण युवाओं को रोजगार और कौशल प्रशिक्षण से जोड़ने की दिशा में जीविका द्वारा आयोजित रोजगार सह मार्गदर्शन मेला युवाओं के लिए सुनहरा अवसर साबित हुआ। सुप्पी प्रखंड की ससौला ग्राम पंचायत भवन परिसर में आयोजित इस मेले में कुल 663 युवक-युवतियों का प्रत्यक्ष प्लेसमेंट किया गया।
यह रोजगार मेला दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना (डीडीयू-जीकेवाई) के अंतर्गत आयोजित किया गया, जिसमें 16 प्रतिष्ठित कंपनियों ने अपने स्टॉल लगाए। इन स्टॉलों के माध्यम से युवाओं को रोजगार के साथ-साथ कौशल प्रशिक्षण से जुड़ी विस्तृत जानकारी दी गई।
मेले का उद्घाटन जिला परियोजना प्रबंधक उमा शंकर भगत, प्रखंड विकास पदाधिकारी रितेश कुमार, जिला रोजगार प्रबंधक अभिषेक शेखर, ससौला पंचायत के मुखिया हेमंत मिश्रा एवं प्रखंड परियोजना प्रबंधक धर्मेंद्र कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।
प्रखंड परियोजना प्रबंधक धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि रोजगार मेले के दौरान 330 युवाओं का चयन कौशल प्रशिक्षण के लिए किया गया, जबकि 257 युवाओं को आरसेटीआई के तहत स्वरोजगार प्रशिक्षण से जोड़ा गया। पंचायत स्तर पर कुल 1867 युवाओं ने रोजगार के लिए पंजीकरण कराया।
- जिला परियोजना प्रबंधक उमा शंकर भगत ने कहा कि जीविका का उद्देश्य ग्रामीण युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार दिलाने के साथ-साथ उन्हें स्वरोजगार के लिए भी सक्षम बनाना है। वहीं जिला रोजगार प्रबंधक अभिषेक शेखर ने बताया कि जीविका समय-समय पर ऐसे मेले आयोजित कर बेरोजगार युवाओं को प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराती है।
प्रखंड विकास पदाधिकारी रितेश कुमार ने कहा कि इस तरह के आयोजनों से ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को स्थानीय स्तर पर ही रोजगार मिल रहा है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है। कार्यक्रम का संचालन कार्यालय सहायक शुभांकर कामती ने किया।


