चांद दिखाई देने के साथ रहमतों का महीना शुरू हो गया. मस्जिदों में इबादत की तैयारी, रोज़ा और तरावीह का सिलसिला आरंभ. जानें चांद रात और रमजान से जुड़ी अहम बातें
माहे रमजानुल मुबारक का चांद बुधवार को नजर आ गया. चांद नजर आते ही लोगों ने एक-दूसरे को बधाई दी. वहीं, कई मस्जिदों से चांद नजर आने की घोषणा की गयी. दारुल कजा इमारत-ए-शरिया के काजी-ए-शरीअत मुफ्ती अनवर कासमी ने घोषणा की कि 29 शाबानुल मुअज्जम को रांची सहित विभिन्न स्थानों पर रमजानुल मुबारक का चांद नजर आ गया है. इसलिए गुरुवार को रमजानुल मुबारक की पहली तारीख होगी. उन्होंने बताया कि यही फैसला मरकजी दारुल कजा, इमारत-ए-शरियत बिहार और ओडिशा का भी है. उन्होंने सभी को बधाई देते हुए कहा कि अल्लाह हम सबको अधिक से अधिक इबादत करने की तौफीक अता फरमाये. एदारे शरिया के नाजिम-ए-आला मौलाना कुतुबुद्दीन रिजवी ने भी कहा कि रांची सहित अन्य स्थानों पर रमजानुल मुबारक का चांद नजर आ गया है. 19 फरवरी, गुरुवार से रोजा शुरू हो जायेगा. उन्होंने लोगों को बधाई दी.
शहर की विभिन्न मस्जिदों में तय समय पर तरावीह शुरू: मधुवन मार्केट मेन रोड, मदरसा गौसिया फिरदौस नगर मणिटोला, आई विजन लालपुर, अंजुमन इस्लामिया, राय कंपाउंड कर्बला चौक और अंजुमन इस्लामिया हॉल में रात 8:30 बजे से तरावीह शुरू हुई. मसजिद-ए-नूर, पुरानी रांची में 21 दिनी तरावीह पढ़ी जायेगी. पुरानी रांची मस्जिद में 27 दिन तरावीह पढ़ी जायेगी, जहां मौलाना तैय्यब ने नमाज पढ़ाई. कडरू स्थित मदरसा हुसैनिया में रात 8:30 बजे, जामियानगर कडरू में रात 8:15 बजे, कडरू स्थित जामा मस्जिद में रात 8:15 बजे, एकरा मस्जिद मेन रोड में रात 8:30 बजे, अपर बाजार स्थित जामा मस्जिद में रात 8 बजे, हिंदपीढ़ी स्थित मदीना मस्जिद में रात 9:15 बजे, डोरंडा स्थित मजार मस्जिद में रात 8:30 बजे व डोरंडा जैप वन स्थित जामा मस्जिद में रात 8:15 बजे तरावीह अदा की गयी.
चार जुमे और 20 मार्च को ईद का चांद
इस बार माहे रमजान में चार जुमा पड़ेंगे. पहला जुम्मा 20 को अदा किया जायेगा. 27 को दूसरा, छह मार्च को तीसरा और 13 मार्च को चौथा जुम्मा अदा किया जायेगा. इसी दिन अलविदा जुम्मा होगा. वहीं, 20 मार्च को ईद-उल-फितर का चांद देखा जायेगा. यदि चांद नजर आ गया तो 21 को ईद की नमाज अदा की जायेगी.
माहे रमजान को लेकर बाजारों में रोनक बढ़ गयी है. लोगों ने सेवई, खजूर सहित अन्य सामग्री की खरीदारी की. राशन की दुकानों पर भी लोगों की भीड़ रही. घरों में महिलाओं ने विभिन्न प्रकार की सूखी मिठाइयां और नमकीन पहले से तैयार कर रखी है ताकि रमजान के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो. पुरानी रांची की 36 वर्षीय शाहीन आरा ने बताया कि वह लंबे समय से रोजा रखती आ रही हैं. इस दौरान परेशानी न हो, इसके लिए उन्होंने पहले से ही मिठाई और सूखा हलवा आदि तैयार कर रखा है ताकि अधिक से अधिक समय इबादत में लगाया जा सके.
सेवई के नाम और कीमत
- नैनो सेवई: 90 से 100 रुपये
- पंजाबी सेवई: 110 से 120 रुपये
- कलकतिया लच्छा : 180 से 200 रुपये
- लच्छा स्पेशल : 160 से 180 रुपये
- ताजमहल डिब्बाबंद सेवई: ₹160 से 180
- सेवई राची में ही निर्मित है (दर प्रति किलो)
- बेकरी बिस्कुट (डिब्बाबंद): ₹180 से 200.


