Friday, April 4, 2025

ग्रहों के सेनापति मंगल करेंगे नक्षत्र परिवर्तन, 12 अप्रैल से इन राशियों के लिए खुलेंगे किस्मत के दरवाजे!

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मंगल का पुष्य नक्षत्र में गोचर कुछ राशि वालों के लिए बेहद ही शुभ साबित होगा और उनके भाग्योदय के द्वार खोलेगा. आइए जानते हैं..

 ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों की चाल और उनके नक्षत्र परिवर्तन का विशेष महत्व है. मान्यता है कि जब भी मंगल अपनी चाल बदलते हैं, तो हर व्यक्ति के जीवन पर इसका कुछ न कुछ प्रभाव अवश्य पड़ता है. मंगल ग्रह को ग्रहों का सेनापति माना जाता है, जो ऊर्जा, साहस, युद्ध, भूमि, भाई, शक्ति और प्रतिस्पर्धा के कारक हैं.

ज्योतिषाचार्य डॉ. उमाशंकर मिश्रा के अनुसार, साल 2025 में, मंगल 3 अप्रैल, बृहस्पतिवार को 1 बजकर 56 मिनट पर कर्क राशि में गोचर करेंगे. कर्क राशि में मंगल नीच के माने जाते हैं. इसके बाद, 12 अप्रैल की सुबह 6 बजकर 32 मिनट पर मंगल कर्क राशि में रहते हुए पुष्य नक्षत्र में प्रवेश करेंगे.

ज्योतिषाचार्य के अनुसार, पुष्य नक्षत्र को नक्षत्रों का राजा कहा जाता है और इसके स्वामी शनिदेव और अधिपति देवता बृहस्पति हैं. मंगल और शनि एक-दूसरे के शत्रु हैं, वहीं बृहस्पति मंगल के लिए शुभ ग्रह हैं. इस विशेष स्थिति के कारण, मंगल का पुष्य नक्षत्र में गोचर कुछ राशि वालों के लिए बेहद ही शुभ साबित होगा और उनके भाग्योदय के द्वार खोलेगा. आइए जानते हैं कि 2025 में मंगल का यह गोचर किन राशि वालों के लिए विशेष रूप से लाभकारी रहेगा.

सिंह राशि: सिंह राशि के स्वामी सूर्य देव हैं. इस राशि के 12वें भाव में मंगल के इस गोचर का प्रभाव पड़ेगा.

  • जो लोग विदेश यात्रा करने की इच्छा रखते हैं, उनकी यह कामना पूरी हो सकती है.
  • आध्यात्मिक साधना और किसी गुप्त विद्या में रुचि बढ़ने की संभावना है.
  • रिसर्च के क्षेत्र में कार्यरत लोगों को लाभ प्राप्त होगा.
  • भाग्य का भरपूर साथ मिलने की उम्मीद है, जिससे विभिन्न कार्यों में सफलता मिलेगी.

वृश्चिक राशि: वृश्चिक राशि के स्वामी स्वयं मंगल देव हैं. मंगल का पुष्य नक्षत्र में गोचर वृश्चिक राशि वालों के नवम भाव को प्रभावित करेगा.

  • भाग्य का साथ मिलने से जीवन में नए अवसर और सफलता मिलने के योग बनेंगे.
  • शिक्षा, आध्यात्मिकता और यात्रा से जुड़े कार्यों में विशेष लाभ होगा.
  • यह समय वृश्चिक राशि वालों के लिए उन्नति और समृद्धि लेकर आएगा.

धनु राशि: धनु राशि के स्वामी बृहस्पति देव हैं. मंगल के नक्षत्र परिवर्तन का प्रभाव इस राशि के 8वें भाव में पड़ेगा.

  • अचानक ज्योतिष में रुचि जागृत हो सकती है.
  • तंत्र-मंत्र या गुप्त विज्ञान से जुड़े लोगों को लाभ मिलने की संभावना है.
  • अचानक धन प्राप्ति के योग बन सकते हैं.
  • बीमा (Insurance) और पैतृक संपत्ति से जुड़ा कोई बड़ा फायदा हो सकता है.

मीन राशि: मीन राशि के स्वामी भी बृहस्पति देव हैं. इस राशि के पांचवें भाव में मंगल के नक्षत्र गोचर का प्रभाव देखने को मिलेगा.

  • क्रिएटिविटी (रचनात्मकता) में वृद्धि होगी.
  • करियर में अच्छी ग्रोथ की संभावना है.
  • संतान पक्ष से जुड़ी कोई अच्छी खबर प्राप्त हो सकती है, जिससे आनंद की प्राप्ति होगी.
  • प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को सफलता मिलने की प्रबल संभावना है.

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