गिरिडीह: बोरिंग वाहन के ड्राइवर की पिटाई से मौत होने के बाद से लोग आक्रोश में हैं. शव के साथ परिजन और ग्रामीण ताराटांड थाना का घेराव करते हुए बीच सड़क पर बैठ गए. वहीं, धनबाद-गिरिडीह पथ को जाम कर दिया.
निलंबित किए गए एएसआई समेत दो कांस्टेबल
ग्रामीण दोषी पुलिस अधिकारी और कर्मियों पर हत्या की प्राथमिकी दर्ज करते हुए गिरफ्तार करने की मांग कर रहे हैं. ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए एसडीपीओ जीतवाहन उरांव, बीडीओ निसात अंजुम, इंस्पेक्टर कमाल खान, इंस्पेक्टर ममता कुमारी के साथ कई पदाधिकारी मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने का प्रयास किया.

इस बीच पूर्व विधायक केदार हाजरा, गांडेय विधानसभा क्षेत्र के नेता अर्जुन बैठा, झामुमो नेता बबली मरांडी, भाजपा नेता दिनेश यादव, जेएलकेएम नेता रॉकी नवल के अलावा गौरव कुमार के साथ कई प्रबुद्ध लोग पहुंचे. परिजनों और प्रशासन से बात की गई. लगभग 7 घंटे तक थाना के सामने और सड़क पर लोग जमे रहे. जिसके बाद शाम में आरोपित पुलिस पदाधिकारी मूसा खान के साथ दो कांस्टेबल को निलंबित करने के अनुशंसा एसडीपीओ जीतवाहन उरांव ने की. वहीं मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा के साथ नियोजन का भरोसा दिया गया, जिसके बाद लोग थाना के सामने से हटे.
बोरिंग वाहन चालक की मौत के बाद गस्ती दल पर मारपीट का आरोप लगा है. जिले के पुलिस कप्तान ने पुलिस पदाधिकारी मूसा खान और दो कांस्टेबल को निलंबित कर दिया. इसके अलावा पूरे मामले की जांच चल रही है और आगे की कार्रवाई भी- जीतवाहन उरांव, एसडीपीओ, सदर, गिरिडीह
दहाड़ मारकर रोते रहे पिता, कहा इंसाफ चाहिए
दूसरी तरफ पिटाई से चालक नावाटांड (टुंडी) इलाके का रहने वाला लगभग 40 वर्षीय संजय दास की मौत के बाद परिजनों का बुरा हाल बना हुआ है. मृतक के वृद्ध पिता जागेश्वर दास कहते हैं उसके पुत्र को पुलिस गस्ती दल के पदाधिकारी और जवानों ने मारा है. उन्हें इंसाफ चाहिए. मृतक के बच्चों और परिवार का भरण पोषण कैसे होगा, इसकी भी व्यवस्था चाहिए.
पैसा नहीं देने पर पिटाई का आरोप
इधर, घटना के समय मृतक के साथ बोरिंग वाहन पर सवार सह चालक गुरुदेव टुडू का कहना है कि मंगलवार की रात नावाटांड में बोरिंग करने के बाद संजय के साथ वह वाहन पर सवार होकर गिरिडीह जा रहा था. रास्ते में ताराटांड थाना के गस्ती दल ने वाहन रोकने का इशारा किया. संजय ने गाड़ी नहीं रोकी तो ओवरटेक कर पुलिस गस्ती दल ने न सिर्फ वाहन को रोका बल्कि संजय को बेरहमी से पीटा भी. गुरुदेव का आरोप है कि पैसा नहीं देने पर पिटाई की गई.
गस्ती दल पर एफआईआर के साथ कार्रवाई का भरोसा : पूर्व विधायक
झामुमो नेता सह पूर्व विधायक केदार हाजरा ने बताया कि पुलिस द्वारा पिटाई की गई है, इसकी जांच चल रही है. इस मामले को लेकर लोग आक्रोशित थे. प्रशासन से लम्बी वार्ता चली है. एसपी से भी बात हुई है. एसपी ने गस्ती दल के पदाधिकारी समेत कर्मियों पर प्राथमिकी दर्ज करने की बात कही है. साथ ही साथ गस्ती दल के सभी कर्मियों को निलंबित करने की बात कही है. इसके अलावा सरकारी नौकरी देने की बात हुई है. साथ ही मुआवजा भी दिया जाएगा.
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